Friday, March 27, 2020

सत्य ही साधक की शोभा है: मुनिश्री


सत्य ही साधक के जीवन की शोभा है। जैसे आंख के अभाव में शरीर की सारी सुंदरता फीकी पड़ जाती है, वैसे ही सत्य के अभाव में अन्य सभी व्रत, नियम, पूजा, मत और धार्मिक क्रियाएं शोभाहीन हो जाती हैं। सत्य ही सबसे बड़ा धर्म है। यह बात राष्ट्रसंत मुनिश्री विहर्ष सागर महाराज ने साधना अनुष्ठान में शुक्रवार को तानसेन नगर स्थित न्यू कॉलोनी में व्यक्त किए। इस मौके पर मुनिश्री विजयेश सागर महाराज भी मौजूद थे।

मुनिश्री ने कहा कि सत्य की महिमा जानें। सत्य ही समस्त सिद्धियों, उपलब्धियों का आधार है। जितने भी नियम, व्रत, तप आदि धार्मिक क्रिया अनुष्ठान हैं वे सत्य के साथ ही प्रभावशाली होती है। सत्य से हीन समस्त साधना, साधना नहीं आडंबर है। जो सत्य को छोड़कर असत्य का आश्रय लेते हैं वे अपने जीवन के साथ बहुत बड़ा खिलवाड़ करते हैं।

मुनिश्री ने किया भगवान आदिनाथ का अभिषेक

मुनिश्री विहर्ष सागर महाराज 2 अप्रैल तक कोरोना वायरस से लोगों को बचाने के लिए साधना कर रहे हैं। इस दौरान वे मौन रहकर साधना और अनुष्ठान कर रहे हैं। शुक्रवार की सुबह मुनिश्री विहर्ष सागर ने मंत्रों का उच्चारण कर भगवान आदिनाथ का अभिषेक किया। इस दौरान अजय जैन और विजय जैन उपस्थित थे। अभिषेक के बाद भगवान आदिनाथ को शांति थार अर्पित की। भक्तों ने पूजा कर हवन कुंड में विश्व को कोरोना वायरस से बचाने के लिए मंत्रों का उच्चारण कर आहुतियां दी।



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source https://www.bhaskar.com/mp/gwalior/news/mp-news-truth-is-the-beauty-of-a-seeker-munishree-070702-6925305.html

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