सुप्रीम कोर्ट में वकील व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से लेकर भाजपा के कानूनी सलाहकारों में शामिल पुरुषेंद्र कौरव दूसरी बार मप्र के महाधिवक्ता नियुक्त किए गए हैं। वे पिछली भाजपा सरकार में जून 2017 से लेकर दिसंबर 2018 तक महाधिवक्ता रहे थे। कांग्रेस सरकार के सत्ता मेंे आने के बाद उन्होंने इस्तीफा दिया था और सुप्रीम कोर्ट में वकालत करने लग गए थे। अब शिवराज ने दोबारा उन्हें मौका दिया है। प्रदेश में ऐसा पहली बार हो रहा है जब किसी को दूसरी बार महाधिवक्ता बनाया गया हो। सूत्रों का कहना है कि मप्र में हाल ही में हुए सत्ता परिवर्तन के कानूनी पहलुओं में वह वरिष्ठ वकील तुषार मेहता और मुकुल रोहतगी के साथ जुटे रहे। वे भाजपा और संघ की पसंद भी हैं।
शिवराज के भरोसेमंद और अहम मसलों में कानूनी सलाहकार
कौरव 2009 में डिप्टी एडवोकेट जनरल बने थे। 2012 में एडिशनल एडवोकेट जनरल (अतिरिक्त महाधिवक्ता) बने आैर मई 2017 तक यह जिम्मेदारी संभाली। पिछले कार्यकाल में जब कांग्रेस के एक नेता ने शिवराज पर व्यक्तिगत व आपत्ति जनक टिप्पणी की थी, तब कौरव की सलाह पर ही मानहानि का केस हुआ था।
150 पदों पर नियुक्ति जल्द
जबलपुर, इंदौर व ग्वालियर में अतिरिक्त महाधिवक्ता के साथ सरकारी अधिवक्ताओं की 150 नियुक्तियां भी जल्द होंगी। पूर्व की कमलनाथ सरकार में इन पदों पर कांग्रेस समर्थित लोगों को नियुक्त किया गया था।
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source https://www.bhaskar.com/mp/gwalior/news/mp-news-return-after-15-months-purushendra-kaurav-became-the-second-time-advocate-general-of-mp-071629-6919615.html
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