जैसे श्रीराम के साथ लक्ष्मण, भरत और शत्रुघन आए। उसी प्रकार भगवान श्रीकृष्ण के साथ बलराम अाए। जब श्रीकृष्ण श्री रामदेव के रूप में आए तो उनके आने से पहले बलराम भी वीरमदेवजी के रूप में पहले आए। जब परमात्मा धरती पर आता है तो उससे पहले कई शक्तियां धरती पर आने लगती हैं। जो परमात्मा के आने के लिए अनुकूल परिस्थितियां अाैर वातावरण बनाती हैं। गुरुदेव ने कथा के माध्यम से कहा यहां धरा का अर्थ हृदय है। जब भगवान को हृदय में बुलाना हो तो भक्त को पहले हृदय की सारी विकृतियों दूर करना पड़ेगा। जब मनोविकार अर्थात विकृतियां दूर होंगी तो हृदय में शक्ति का संचार होगा। भक्ति की शक्ति से जब अनुकूल वातावरण बनेगा तब परमात्मा का हृदय में आगमन होगा।
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source https://www.bhaskar.com/mp/vidisha/news/mp-news-ramdev-katha-if-god-has-to-be-called-in-the-heart-then-the-devotee-will-have-to-remove-all-the-distractions-of-the-heart-first-gurudev-072005-6333911.html
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