केंद्र सरकार के बजट से वर्ष 2012 में भे जा गया खेल सामान रखे-रखे हो गया बर्बाद हो गया है। योजना के तहत मध्यप्रदेश के ग्रामीण स्कूलों को एक-एक लाख रुपए का खेल सामान मिल ा था, जिसमें ग्वाल ियर की 87 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। डीबी स्टार ने पिछले गुरुवार को ग्वालियर के पास स्थित वीरपुर और एक अन्य सरकारी स्कूलों का जायजा लिया। इस दौरान वहां कमरों में बंद रखे खेल सामान की जानकारी जुटाई गई तो पता चला कि यह खेल सामान ऐसे स्कूलों में रखवा दिया गया, जहां न तो क्रीड़ा अधिकारी हैं और न ही जूडो व टेबिल टेनिस खेलने के लिए जगह। यह हाल केवल इन स्कूलों का ही नहीं है बल्कि अधिकांश ग्राम पंचायतों के स्कूलों का है।
मामले की जांच कराएंगे पायका के तहत जिले के स्कूलों में रखे गए खेल सामान का उपयोग न हो पाने के मामले की जांच कराएंगे। इस मामले में संबंधि त विभ ाग के अफसरों से पूरी जानकारी ली जाएगी।। अनुराग चौधरी, कलेक्टर, ग्वालियर
इस बारे में ग्वालियर के जिला शिक्षा अधिकारी का कहना है कि खेल सामान का उपयोग क्यों नहीं हो पा रहा है? इसकी जानकारी लेंगे।
ये खेल सामान आया थाबॉलीवॉल पोल नेट के साथ, खो-खो पोल, टेबल टेनिस, 16 जोड़ी जूडाे मेट, जेवलिन पुरुष, जेवलिन महिला, मेजरिंग टेप, डिस्कस पुरुष, डिस्कस महिला, गोला, लाइन मार्किंग, वेट मशीन, कैरम, शतरंज।
{बच्चे स्कूल-कॉलेज से पास होकर चले गए, लेकिन नहीं खुली खेल के सामान की पैकिंग**
वर्ष 2012 में स्कूलों में भेजा गया खेल का सामान बर्बाद हो गया। पिछले 8 वर्ष में विद्यार्थी पढ़कर कॉलेज में पहुंच गए और इनमें से कई तो ग्रेजुएट भी हो गए। लेकिन पंचायत युवा क्रीड़ा और खेल अभियान (पायका) के तहत स्कूलों में भेजे गए खेल के सामान की पैकिंग तक नहीं खुल पाई। इसमें जूडो के 32 मैट (गद्दे) और टेबल टेनिस की टेबिलें शामिल है। बिना इस्तेमाल ही जूडो के मैट सड़ गए और टेबल टेनिस की सभी टेबल खराब हो गई।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
source https://www.bhaskar.com/mp/bhopal/news/mp-news-judged-rotting-judo-mattress-and-tette-065549-6412979.html
No comments:
Post a Comment