बसों व अन्य छोटे यात्री वाहनों में कितनी सवारी बैठानी चाहिए, इसके नियम बने हुए है। इन नियमों का पालन कराने की जवाबदारी पुलिस तथा यातायात विभाग की होती हैं लेकिन जब ये विभाग अपना कार्य जिम्मेदारी से नहीं करेंगे तो वाहन चालक नियमों की धज्जियां उड़ाने में भी देर नहीं करते हैं।
यात्री बसों में आवश्यकता से अधिक सवारी बैठाने पर कार्रवाई का प्रावधान है लेकिन कार्रवाई नहीं होने से बड़ौद, सारंगपुर तथा उज्जैन रूट पर चलने वाली कई बसें ओवरलोड चलती है। मंगलवार को ऐसी ही एक बस छावनी नाके पर दिखाई दी। इसमें स्कूली बच्चे बस के गेट पर लटके हुए थे। इन बच्चों को अंदर लेने का प्रयास भी बस का स्टाफ करता नजर नहीं आया। वहीं बिजली वितरण कंपनी शहर स्थित कार्यालय के सामने से एक पेसेंजर वाहन टाटा आयरिश गुजर रही थी। इसमें नीचे सामान रखा हुआ था तथा सामान व सीटों पर लोग बैठे हुए थे तो कुछ लोग पीछे केरियर पकड़कर खड़े थे तो कुछ लोग गाड़ी के ऊपर लगे केरियर पर बैठे हुए थे।
भ्याना, जमुनिया, पुरा साहब नगर, भादवा की ओर जाने वाले वाहन ऐसी ही स्थिति में रोज जाते दिखाई देते हैं लेकिन चालानी कार्रवाई भी अधिकारी कर्मचारी कम ही करते हैं।
बस के गेट पर लटके थे स्कूली छात्र। कार्रवाई नहीं होने के कारण पैसेंजर गाड़ी के ऊपर बैठा रखा था सवारियों को।
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source https://www.bhaskar.com/mp/shajapur/news/mp-news-more-rides-being-filled-in-buses-people-also-sit-on-the-roof-in-small-loading-vehicles-063012-6449820.html
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