चांचौड़ा (गुना).यह दिखने में भरे ही आपको ट्रेन की बोगी लगी, लेकिन यह वास्तव में स्कूल बिल्डिंग हैं। विद्यालय के शिक्षक ने बच्चों को शिक्षा के प्रति आकर्षित करने के लिए भवन को रंगाई और पुताई ही अलग ढंग से कराई है।
जिले में यह पहला शासकीय स्कूल है, जिसे ट्रेन की बोगी की तरह सजाया गया है। इसकी पुताई ऐसे ढंग से की है कि दूर से देखने वाले ही हैरान रह जाते हैं। उन्हें लगता है कि ट्रेन की बोगी खड़ी है। जब यहां से छात्र-छात्रा आते-जाते हैं तो पूरी स्थिति समझ में आती है। इस स्कूल के नए स्वरूप को देखने के लिए गांव के लोग भी जुट रहे हैं। अन्य स्कूलों के शिक्षक और बच्चे भी इसे देखने आते हैं।
शिक्षक ने इसी स्कूल से ली थी प्राइमरी शिक्षा
प्रधान अध्यापक शिखरचंद जैन ने बताया कि इस विद्यालय में मैंने कक्षा 4 व 5 का अध्ययन किया है। इस बात की खुशी है कि इसी विद्यालय में मैं शिक्षक के पद पर पदस्थ हूं। इस कार्य के लिए मध्यप्रदेश शासन द्वारा विद्यालय को फंड भेजा था। इसी राशि का उपयोग कर भवन में कार्य किया गया है। इसे अलग रूप देने के लिए ट्रेन की बोगी की तरह ही सजाया गया है।
पर्यावरण, वन्य जीवों की दीवारों पर चित्रकारी की : पर्यावरण एवं जीव-जंतुओं के बारे में बाउंड्रीवॉल एवं कमरों मे आकर्षक चित्रकारी की गई। कक्षा 6,7 व 8 में कमरों में विषय आधारित पेंटिंग है। इससे कक्ष और परिसर आकर्षक दिखाई देता है।
स्कूल काे अंदर से भी सजाया गया
चांचौड़ा में स्थित शासकीय बालक माध्यमिक विद्यालय को अंदर से भी सजाया गया है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक का मानना है कि शिक्षा के क्षेत्र में रूढ़िवादी पद्धति से हटकर नवाचार रूपी जाे गतिविधियां की जा रही हैं उससे शिक्षा पद्धति में काफी बदलाव आए। शासकीय विद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति का कम होना तथा अभिभावकों का निजी विद्यालयों की ओर आकर्षित होना भी कई सारे शासकीय विद्यालय से दूर होने के कारण बने हैं।
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source https://www.bhaskar.com/mp/bhopal/news/the-trains-coach-is-not-a-school-the-teacher-gave-a-new-look-painting-the-building-differently-to-attract-children-126411381.html
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