Saturday, January 18, 2020

गूगल पर पढ़े जाने वाले शब्द उतने सही नहीं, लेखक का साहित्य आज भी सत्य

हिंदी भवन में पांच दिनी कादंबिनी एवं न्यू लक्ष्य पुस्तक उत्सव शुरू हुआ। यहां महिला बाल विकास मंत्री इमरती देवी, कवि कथाकार संतोष चौबे, पूर्व सांसद रघुनंदन शर्मा मौजूद रहे। इमरती देवी ने कहा कि हमें पढ़ना पुस्तक चाहिए और अच्छी पुस्तक पढ़ने की आदत डालना चाहिए। आगे बोलते हुए उन्होंने कहा कि कार्यक्रमों में गुलदस्ता और माला की जगह अच्छी पुस्तकें भेंट होना चाहिए। इस दौरान तीन साहित्यकारों की पुस्तकों का लोकार्पण किया गया। जिसमें डॉक्टर ममता व्यास की पुस्तक \"प्रेम रसायन तुम्हारे पासा\', साहित्यकार के होतचंदानी की पुस्तक \"अधूरा सुहाग\' और साहित्यकार मो. इस्माइल खान की पुस्तक \"सुनामी के बाद\" का विमोचन किया गया। संतोष चौबे ने कहा कि पुस्तकें पहले भी लिखी जाती रही है और आज भी लिखी जा रही है। लेकिन नई टेक्नोलॉजी के कारण पुस्तकों की अपेक्षा पाठक सीधे टेक्नोलॉजी का उपयोग कर रहे हैं। पाठक अपनी सुविधा अनुसार लेखक की पुस्तक पढ़ते हैं। कार्यक्रम में रघुनंदन शर्मा ने कहा कि गूगल पर पढ़े जाने वाले हर शब्द उतने सही नहीं होते। साहित्यकार एवं लेखक द्वारा लिखा गया साहित्य आज भी सत्य है किताबों का महत्व कभी कम नहीं होता है। पुस्तके हमारी यात्रा में अच्छे मित्र होती हैं । शब्द नित्य हैं जो अक्षर से बनता है और हमारे ग्रंथों में अमर रहता है आज गोस्वामी तुलसीदास हमारे बीच है क्योंकि उन्होंने रामचरितमानस लिखी है।



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source https://www.bhaskar.com/mp/bhopal/news/mp-news-words-read-on-google-are-not-that-right-author39s-literature-is-still-true-065044-6426063.html

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