
हैनिमैन एकेडमी ऑफ वाईटल साइंस एण्ड हृयूमेनिटीज (हेव्स) ने शनिवार को \"साइकोलॉजी और सोशल मीडिया\' विषय पर व्याख्यान रखा। साथ ही वार्षिक सम्मान समारोह भी हुआ। व्याख्यान में बतौर मुख्य वक्ता शामिल हुए डॉ.पीएस श्रीवास्तव ने कहा कि सीमित उपयोग और मनोवैज्ञानिक परामर्श से हमें इसके दुष्परिणामों से मुक्ति मिल सकती है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा विज्ञान ने सोशल मीडिया के अधिक उपयोग को अब एडिक्शन मान लिया है। यदि एडिक्शन के शिकार हैं तो जरूर मनो वैज्ञानिक सलाहकार से सतत संवाद करना चाहिए और भारतीय परिवेश में यह संवाद की प्रक्रिया, कम्पाउंड इग्नोरेंस और विचारों की असमानता के कारण टूटती जा रही है। जब हम किसी समस्या को पहचानेंगे तभी हम उसका निराकरण कर सकेंगे। वहीं मनोवैज्ञानिक परामर्श पर डॉ.एएल राम ने जानकारी दी। वहीं हेव्स के वार्षिक सम्मान समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में अनुकरणीय कार्य करने वाले व्यक्तियों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में सोशल मीडिया के ज्यादा उपयोग से युवाओं को कौन-कौन सी सामाजिक और मनोवैज्ञानिक समस्याएं हो रही हैं इसमें मनोविज्ञान की भूमिका पर विचार किया गया।
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https://www.bhaskar.com/mp/bhopal/news/mp-news-quotmedical-science-has-now-accepted-more-use-of-social-media-as-addictionquot-065047-6426064.html
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