भीड़ रोकने के लिए 40 से ज्यादा पुलिसकर्मी, क्राइम ब्रांच, इंटेलिजेंस लगाई
सीएए के समर्थन में रैली के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं और कलेक्टर के बीच हुए विवाद के बाद धार में इसका खौफ दिखा। उस हंगामे के बाद धार में भाजपा का पहला आंदोलन हुआ, तो सुरक्षा ऐसी बढ़ाई कि कलेक्टर श्रीकांत बनोठ ज्ञापन लेेने भी डीएसपी और टीआई के घेरे में गए। बैरिकेड्स के अंदर से ही बात सुनी। भीड़ कुछ कर न दे, इसलिए 40 से ज्यादा पुलिसकर्मी लगाए गए थे। इसके लिए आसपास के थानों का भी बल लगा रखा था। क्राइम ब्रांच और इंटेलिजेंस तक लगी थी। प्रशासन को डर था कि कहीं ब्यावरा जैसा हादसा यहां नहीं हो जाए।
आंदोलनकारियों पर नजर रखने के लिए दोनों थानों सहित पीथमपुर, सादलपुर, लाइन से पुलिस बल के अलावा क्राइम ब्रांच, इंटेलिजेंस की टीम तक सक्रिय रही। मौके पर सीसीटीवी सर्विलेंस वाहन तक लगा दिया गया। आंदोलन खत्म होने तक पुलिस ने कलेक्टोरेट को छावनी बना दिया। इंटेलिजेंस से मिले आंकड़ों के मुताबिक आंदोलनकारियों संख्या के लगभग 200 भाजपाई शामिल थे। जबकि रक्षित निरीक्षक रणजीतसिंह के मुताबिक दोनों थाने, सादलपुर, पीथमपुर सहित पुलिस लाइन का लगभग 40 पुलिसकर्मियों का बल तैनात किया गया था।
कलेक्टोरेट टीनशेड से कलेक्टर कार्यालय तक रैली के रूप में पहुंचे भाजपाई
भाजपाई कलेक्टोरेट टीनशेड से कलेक्टर कार्यालय तक नारेबाजी कर रैली के रूप में पहुंचे। बैरिकेड्स पर कलेक्टर श्रीकांत बनोठ, नौगांव टीआई राजकुमार यादव, प्रशिक्षु डीएसपी व पुलिसकर्मियों के घेरे में ज्ञापन लेने पहुंचे। ज्ञापन का वाचन करते हुए जिलाध्यक्ष डाॅ. राज बर्फा ने कहा कमलनाथ की सरकार बनने के बाद राजनीतिक विरोधियों को परेशान किया जा रहा है। प्रदेश में माफिया के नाम पर कार्यवाही हो रही है, उसमें कांग्रेस से जुड़े लोगों के अवैध अतिक्रमण छोड़े जा रहे हैं। भाजपा से जुड़े लोगों द्वारा वैध कागज दिखाने के बावजूद निर्माण तोड़े जा रहे हैं। हमारी भी मंशा है कि प्रदेश माफिया मुक्त हो। प्रशासनिक कार्रवाई में हो रहे पक्षपात में हमें आपत्ति है। भाजपा ने मांग की कि कार्यवाही से पहले सरकार प्रदेश के माफियाओं की सूची सार्वजनिक करें। सरकार ऐसा नहीं करती है तो नीयत में खोट है। भाजपा ने जिलों में अवैध निर्माणों की सूची बनाना शुरू कर दी है। इस दौरान पाया कि कांग्रेस के कुछ बड़े नेता साल भर से शासकीय भूमि पर कब्जा करने में जुटे हैं। आंदोलन में विधायक नीना वर्मा, पूर्व विधायक खेमराज पाटीदार, करण सिंह पवार, मुकामसिंह किराडे, पूर्व जिलाध्यक्ष प्रभु राठौर, दिलीप पटोदिया, विनोद शर्मा, प्रभारी ज्ञानेंद्र त्रिपाठी आदि मौजूद थे।
पुलिस अभिरक्षा में बैरिकेट्स के अंदर से ज्ञापन लेते कलेक्टर।
कार्यालय के दोनों रास्ते ब्लॉक, आवागमन बंद किया : आंदोलन को देखते हुए प्रशासन ने कलेक्टर कार्यालय के दोनों रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी। बैरिकेड्स के पार भाजपाइयों को खड़ा किया। दूसरे रास्ते पर बैरिकेड्स पर पीथमपुर सीएसपी हरीश मोटवानी की ड्यूटी थी। उनकी अनुमति के बगैर कलेक्टर कार्यालय तक जाने की अनुमति नहीं दी गई। कलेक्टोरेट से रतलाम रोड जाने वाले रास्ते पर भी पुलिस तैनात कर दी गई। यहां से भी कुछ देर के लिए आवागमन बंद कर दिया गया।
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source https://www.bhaskar.com/mp/dhar/news/mp-news-biaora39s-awe-collectors-came-under-dsp-ti-to-take-memorandum-of-bjp-showing-anger-071008-6473081.html
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