Saturday, January 25, 2020

मन में भारत मां की छवि और सीने में मर मिटने के जज्बात बसाकर रचे गए देशप्रेम के सुपरहिट गीत**

आज 70वां गणतंत्र दिवस मना रहे हमारे देशवासी देशप्रेम की भावना से सराबोर है। अपनी देशभक्ति की इस फीलिंग्स को गहराई से जताने के लिए हर आयोजन, घर में हमेशा से ही देशभक्ति दर्शाने वाले बॉलीवुड गीत बजाए जाते रहे हैं। क्या आप जानते हैं कि हर राष्ट्रीय पर्व पर गूंजने वाले इन तरानों के रचे जाने के पीछे भी एक कहानी छुपी हाेती है। आज जानिए बॉलीवुड के पेट्रियोटिक सॉन्ग्स के रचे जाने की कहानी इन्हें बनाने वाले फनकारों की ही जुबानी:

मेरी आन तिरंगा’(फ़िल्म: तिरंगा)

जब ‘तिरंगा’ फिल्म के गाने के राइटर के लिए मुझे संगीतकार लक्ष्मीकांत जी ने सलाह दी- ‘मेहुलभाई! एक पुराने राइटर हैं- संतोष आनंद, जिन्होंने मनोज कुमार के साथ कई फिल्मों में गाने लिखे हैं। लेकिन अब लिखना छोड़ दिया है। उन्हें बुलाते हैं। संतोष जी को फोन किया तो उन्होंने कहा कि मैंने गाना लिखना छोड़ दिया है। पर जब उन्होंने आर्टिस्ट राजकुमार और नाना पाटेकर का नाम सुना तो तैयार हो गए। उन्होंने कहा- मैं सिर्फ छह-आठ दिन एक साथ मुंबई रुकूंगा और गाना लिखकर वापस चला जाऊंगा। आप मेरे रहने और टिकट का बंदोबस्त कर दीजिए। लक्ष्मीजी बोले- टिकट भेज दो, वे रेडी हो गए, यही बहुत बड़ी बात है। बहरहाल, वे जैसे-तैसे मुंबई आए और 8-10 दिन होटल में ठहरे और मात्र 8-10 दिन में ही उन्होंने ‘तिरंगा’ िफल्म के पांचों गाने लिख डाले। उन्होंने कहा- मेहुल जी यह मेरी लाइफ की लास्ट फिल्म है। इसे लोग याद करेंगे और यही हुआ। आज यह इतना एवरग्रीन है कि ‘मेरी आन तिरंगा है, मेरी जान तिरंगा है, मेरी शान तिरंगा है...’ हर जगह बजता है।


‘तेरी मिट्टी में मिल जावां’ (फ़िल्म: केसरी)

केसरी के प्रोड्यूसर करण जौहर को इस फ़िल्म की रिलीज के एक साल पहले मेरा लिखा और कंपोज किया एक गाना बहुत पसंद आया था। वो गाना फ़िल्म के बीच में था। जब फ़िल्म एडिट हो रही थी तब डायरेक्टर अनुराग सिंह ने कहा कि ये कंपोजिशन फिल्म के मध्य में होने के बजाय अंत में होना चाहिए। इसे सिचुएशनल होने की बजाय मैसेज देने वाला सॉन्ग होना चाहिए। तब मैंने अपने दोस्त मनोज मुंतशिर को फोन किया। वह उस पर काम करने लगे। एक दिन मनोज ने लंदन से फोन करके मुझे इसकी लाइनें सुनाईं तो मैंने स्पष्ट महसूस किया कि वह रो रहे थे। मुझे याद है कि उनके लिखे इमोशनल लिरिक्स जब पूरी टीम ने साथ बैठकर सुने तो हम सब रो रहे थे। अक्षय कुमार, करण जौहर सभी की आंखों में आंसू थे। इसमें सच में सभी की मेहनत नजर आती है। पहले इस गाने को कई बड़े गायकों ने गाया, लेकिन जब हमने बी प्राक से इसे गवाया तो इस गाने के इमोशंस उभर कर सामने आए।


‘भारत हमको जान से प्यारा है’(फ़िल्म: रोजा)

भास्कर विशेष **

बॉलीवुड के पेट्रियोटिक सॉन्ग्स के रचे जाने की कहानी सुनिए इन्हें रचने वाले फनकारों की ही जुबानी
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‘तेरी मिट्टी...’ गाने के पीछे की एक रोचक बात किसी को नहीं पता। इसकी जो ट्यून व कंपोजीशन है, वह दरअसल देशभक्ति गाने की नहीं, बल्कि रोमांटिक गाने की थी और उस पर पहले रोमांटिक गाना लिखा भी गया था। संगीत निर्देशक आरको ने एक रोमांटिक गाने की धुन बनाई थी। फिल्म के डायरेक्टर अनुराग सिंह और करण जौहर ने आईडिया दिया कि क्यों न फिल्म का आखिरी गाना इस रोमांटिक धुन पर किया जाए। इस तरह रोमांटिक धुन पर तेरी मिट्टी... गाना लिखा गया। संदेशे आते हैं... के बाद देशप्रेम का इतना हिट कोई गाना हुआ ही नहीं। इस गाने के लिए मैंने इस सिचुएशन को अपने अंदर जज किया, कि जब कोई सिपाही सीने पर गोली खाकर देश के लिए मर रहा होता है तब आखिरी के 10 मिनट उसके मन में चलता क्या है। मैंने उसे शब्दों में भी क्रिएट करने की कोशिश की। एक रोचक बात और कि यह गाना फिल्म में सिर्फ डेढ़ मिनट का ही था, लेकिन जब करण जौहर और अनुराग ने इतनी लाइनें सुनी, तब उनके मन में एक लालच आ गया कि यह गाना तो बहुत अच्छा बन रहा है, तो इसे और लंबा क्यों न किया जाए। फिर तो यह 6 मिनट का गाना बना।

जब आप अपने देश भारत के लिए कोई गीत गाते हंै, तो जो देशभक्ति की हिलोेरें आपके दिल में उठ रही होती हैं वो अपने आप आपके शब्दों व गीत की पंक्तियांे में उतर आती हैं। ऐसा ही कुछ रोजा फिल्म के गीत ‘भारत हमको जान से प्यारा है’ के साथ हुआ। इस गीत को गाने के दौरान की यादें मेरे दिल में आज भी ताजा हैं। जब मैं इसे गा रहा था तो ऐसा लग रहा था कि जैसे मैं कोई लोरी गा रहा हूं। जब आप ओरिजनल गाना सुनेंगे तो बिल्कुल वही ममता झलकेगी जो बच्चे को सुला रही मां की लोरी में दिखती है। जब मैं यह गाना गा रहा था तो मेरे जेहन में मां का अख्स उभर रहा था। जैसे आप मां को देखते हैं, उनसे बात करते हैं, तो उनके प्रति आपके मन में असीम प्यार आ जाता है। ठीक उसी तरह से हमारी भारत भूमि है, जिसे हम मां के रूप में देखते हैं। इसी भारत मां का रूप उभर रहा था, मेरे जेहन में। तभी तो शब्दों में इतनी गहराई आ सकी है। सबसे अच्छी बात है कि इसके संगीतकार एआर रहमान साहब ने भी इसके सुर भी मेरी भावना के अनुरूप ही लगाए थे। इस गाने की टयून और लफ्ज भी खूबसूरत थे तो एक देशभक्ति की फीलिंग जाग उठी।


मेहुल कुमार

(इस फिल्म के डायरेक्टर)

आरको

(तेरी मिट्टी गाने के संगीतकार)

मनोज मुंतशिर

(‘तेरी मिट्टी’के लिरिसिस्ट; बता रहे हैं िकस फीलिंग से लिखा इसे)

हरिहरन

(इस गाने के गायक)



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Bhopal News - mp news the image of mother india in the mind and the superhit song of deshpram composed with emotion of dying in the chest
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source https://www.bhaskar.com/mp/bhopal/news/mp-news-the-image-of-mother-india-in-the-mind-and-the-superhit-song-of-deshpram-composed-with-emotion-of-dying-in-the-chest-064044-6478939.html

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