
यंग्स थिएटर फाउंडेशन द्वारा एसोसिएशन ऑफ सिनेमा एंड टेलिविज़न आर्टिस्ट के सहयोग से नाट्य कार्यशाला सृजन का आयोजन किया गया है। इस कार्यशाला में रंगकर्मी सरफराज हसन प्रतिभागियों को नाटक और रंगमंच की अलग-अलग विधा के बारे में बता रहे हैं। यह कार्यशाला 7 नंबर स्थित कम्युनिटी हॉल में चल रही है। इस प्रोडक्शन बेस्ड कार्यशाला में गुरुवार को उर्दू जबान, तलफ्फुज और लहजे से परिचय कराया जा रहा है। जिसे लखनवी और भोपाली अंदाज के माध्यम से प्रतिभागियों काे इनका अंतर बताया गया। कार्यशाला में गैर उर्दूभाषी प्रतिभागियों को उर्दू उच्चारण के साथ साथ उर्दू अल्फाजों के बारे में बहुत बारीकी से समझाया व सिखाया जा रहा है। कार्यशाला में नुक्ता (बिंदी) के प्रयोग के बारे में बताया। कार्यशाला में डॉ. पुनीत चंद्र ने फारसी रंगमंच के माध्यम से उर्दू हिंदी मिश्रित हिंदुस्तानी जबान के बारे में भी बताया, वहीं लखनवी अंदाज के बारे में भी जानकारी दी।
रंगमंचीय प्रशिक्षण
सिटी रिपोर्टर . भोपाल
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
source
https://www.bhaskar.com/mp/bhopal/news/mp-news-knowledge-of-urdu-pronunciation-alphas-given-to-non-urdu-speakers-065556-6410678.html
No comments:
Post a Comment