एमवाय अस्पताल से बच्चा चोरी मामले में चार दिन बाद भी पुलिस खाली हाथ है। पुलिस अब तक 40 स्थानों से फुटेज जुटा चुकी है, लेकिन ठोस सुराग हाथ नहीं लगे हैं। उधर, एमवाय से मिले एक फुटेज में पुलिस को युवती के साथ दो संदिग्ध युवक दिख रहे हैं। इससे पुलिस को शंका है कि दोनों युवक युवती के मददगार हो सकते हैं। वहीं एक फुटेज में एक युवक युवती से बात करता नजर आ रहा है।
इस युवक से पुलिस ने पूछताछ की तो उसने बताया कि युवती ने उसे कहा कि बच्चा उसकी भाभी का है। उधर, एक फुटेज में पता चला है कि अस्पताल पहुंचने से पहले युवती की गाड़ी ढक्कनवाला कुआं पर बंद हो गई थी। तब एक राहगीर के मदद से उसे गैराज तक पहुंचाया था, जहां युवती ने गाड़ी का प्लग बदलवाया था।
युवती के बारे में जो कुछ पता चला है, उससे यह साबित होता है कि उसे अस्पताल के चप्पे-चप्पे की जानकारी है। इससे यह भी आशंका है कि युवती ने यह सारा काम अस्पताल से जुड़े किसी कर्मचारी की मिलीभगत से किया है। बच्चा चुराने पहुंची युवती अच्छी तरह जानती थी कि वार्ड में किस वक्त नर्स मौजूद नहीं रहेगी। उसे यह भी पता था कि भागते वक्त उसी रास्ते का इस्तेमाल करना है, जिस रास्ते पर कैमरे नहीं लगे हैं।
बच्चा चुराने के पांच कदम: जिससे अंदेशा है कि एमवाय अस्पताल से पुराना है युवती का नाता
- अस्पताल के वार्ड नंबर 3 में युवती ने तभी प्रवेश किया, जब वहां नर्स अंजलि जोसेफ मौजूद नहीं थी।
- युवती वार्ड नंबर 3 में ही गई, जबकि उसी मंजिल पर अन्य महिला वार्ड भी है, जहां प्रसूताओं को रखा जाता है। वह उसी बेड पर गई , जहां बच्चे के पिता साथ नहीं थे।
- वार्ड को खाली देखकर वह तीन-चार महिलाओं के पास गई और उन्हें क्रोसिन की टैबलेट दी। वह टैबलेट भी जेब में ही रखकर लाई थी। बकायदा सभी से पूछती रही कि लड़का हुआ या लड़की।
- एमआरआई की पर्ची भी भरकर दी। बच्चे की नानी को लेकर तल मंजिल पर गई। तल मंजिल पर वह उन खाली कमरों में गई, जहां कोई कर्मचारी नहीं था।
- आरकेएस पर्ची काउंटर वाले रास्ते से नहीं जाते हुए साइड की गली से निकली ताकि कैमरों की निगाह से बच सके।
पुलिस: युवती की सूचना देने वाले को 10 हजार का इनाम
एसपी पूर्व विजय खत्री ने बच्चा चोर युवती का सुराग देने वाले को 10 हजार रुपए इनाम देने की घोषणा की है। पुलिस की एक टीम एक्सपर्ट की मदद से महिला के मास्क लगे फुटेज को उसके चेहरे के अनुरूप हटाकर उसका असल चेहरा सामने लाने की कोशिश कर रही है। मामले में किसी प्रोफेशनल बच्चा चोर गैंग और ह्मयूमन ट्रैफिकिंग से जुड़े रैकेट के जुड़े होने का पता नहीं चला है।
जांच समिति: चार दिन बाद बयानों पर ही अटकी है जांच
बच्चा चोरी मामले में एमवायएच प्रशासन ने जिस जांच समिति का गठन किया है, वह चार दिन बाद भी सिर्फ बयानों पर ही अटकी है। प्रसूति डॉ. गायत्री मथुरिया की यूनिट में हुई थी। उनके सहित यूनिट के सभी डॉक्टरों को बुलवाया। नर्सिंग इंचार्ज और पहली मंजिल के वार्ड 3 में ड्यूटी नर्स को बुलवाया गया।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/indore/news/the-girl-had-reached-to-steal-the-child-with-two-helpers-both-the-suspects-seen-in-the-footage-127925623.html
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