मुख्य रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नं. 1 के मेन गेट से होकर ट्रेन पकड़ने के लिए दौड़ने वाले यात्री सामने पड़े रेत-गिट्टी के ढेर से टकराकर फिसल रहे हैं और कई तो घायल भी हो चुके हैं। रेलवे द्वारा लापरवाहीपूर्वक रखी गई निर्माण सामग्री से नाराज यात्रियों का कहना है कि रेलवे वाले पूरे लॉकडाउन में सोते रहे, जब ट्रेनें चलने लगीं और भीड़ उमड़ी तो स्टेशन की मरम्मत की उन्हें याद आ गई।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि शाम ढलने के बाद अँधेरा होने लगता है और लाइट जलने में देरी होती है तब जल्दबाजी में यात्री स्टेशन के बाहर और भीतर मेन गेट के सामने रखी निर्माण सामग्री नहीं देख पाते और वो बैग व सामान लेकर गिर पड़ते हैं। जब भीड़ होती है तो हालात और भी खराब हो जाते हैं। गौरतलब है कि मुख्य रेलवे स्टेशन को आधुनिक बनाने का काम इस साल की शुरूआत में चालू हुआ था।
इसी बीच कोरोना की वजह से मार्च के अंत में लॉकडाउन लग गया। रेलवे का इंजीनियरिंग विभाग चाहता तो ठेकेदाराें से लॉकडाउन पीरियड में तेजी से काम करवा सकता था, लेकिन पूरे लॉकडाउन में काम बंद ही रहा। जब जून में ट्रेनों का संचालन शुरू हुआ तब निर्माण कार्य ने भी तेजी पकड़ी, लेकिन स्टेशन के बाहर और भीतर जहाँ-तहाँ पड़ी निर्माण सामग्री यात्रियों के लिए जानलेवा साबित हो रही है।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/jabalpur/news/slept-in-lockdown-trains-moved-and-crowds-swelled-then-remembered-repairing-the-station-127925425.html
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