50 करोड़ के नए अस्पताल भवन का निर्माण बजट संकट के कारण रुक गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ मिशन के अफसरों ने एक करोड़ का बजट देकर कह दिया है कि अब मार्च तक कोई पैसा नहीं मिलेगा। 25 करोड़ की दरकार के चलते निर्माणाधीन बिल्डिंग में ऑपरेशन थिएटर, लिफ्ट, एसटीपी तैयार करने से लेकर बिजली फिटिंग का काम बंद है। ग्राउंड फ्लोर से लेकर ऊपर के 3 मंजिल तैयार करने के बाद 300 बेड का अस्पताल भवन तैयार कर रही कंपनी ने अक्टूबर में बड़े काम बंद करा दिए हैं। निर्माण एजेंसी को 6 लिफ्ट लगवाने, 8 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर तैयार कराने, सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण पूरा कराने के लिए 25 करोड़ रुपए की और जरूरत है।
यह पैसा मिलने पर कंपनी निर्माणाधीन भवन में बिजली फिटिंग से लेकर तीसरी मंजिल के शेष निर्माण कार्य, सड़काें का काम कराना चाहती है लेकिन फंड मिलता नहीं दिख रहा। पैसे के अभाव में इस बड़ी इमारत का काम भी शुरू नहीं हो पा रहा है क्योंकि अब इस भवन के अधिकांश निर्माण कार्य बाहर की एजेंसियोें को पूरा करना है। इसके लिए एडवांस भुगतान की जरूरत है। एनएचएम ने अक्टूबर के अंत में कंपनी के 1.5 करोड़ रुपए के बिल के विपरीत एक करोड़ रुपए का भुगतान और किया है। 5 नवंबर तक निर्माण एजेंसी 50 लाख के काम का एक और बिल पेश कर चुकी है लेकिन शासन चालू बिलों का भुगतान करने की स्थिति में भी नहीं है।
जानिए... किस काम के लिए कितने बजट की जरूरत
8 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर कंपलीट कराने के लिए कंपनी को 4 करोड़ का भुगतान करना है। इसमें एक सामान्य ओटी भी तैयार कराई जा रही है। 2.5 करोड़ रुपए की लागत से 6 लिफ्टों का निर्माण कराया जाना है। यह काम भी बाहर की कंपनी करेगी। जिला अस्पताल के गंदे पानी के निकास के लिए सीवर ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जा रहा है। इस पर एक करोड़ रुपए की लागत आ रही है। एसटीपी का काम 30 फीसदी से अधिक हो चुका है लेकिन अभी काम बंद है। बिल्डिंग को मार्च तक कंपलीट करने के लिए शेष कंस्ट्रक्शन वर्क के लिए 8 करोड़ की दरकार है लेकिन पैसा न मिलने के कारण थर्ड फ्लोर के निर्माण कार्य, सड़कों का आंतरिक विकास से लेकर मुख्य प्रवेश द्वार के निर्माण के काम डेढ़ महीने से बंद हैं। 300 बेड की नई बिल्डिंग के ग्लेजिंग वर्क के लिए भी 1.5 करोड़ रुपए खर्च करने हैं लेकिन अंत समय के कामों के लिए स्वास्थ्य विभाग फंडिंग करने से हाथ पीछे खींच रहा है।
26 करोड़ खर्च, 25 करोड़ और चाहिए: प्रैगमैटिक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रालि के डायरेक्टर प्रनवीर कुशवाह का कहना है कि अभी तक निर्माणाधीन बिल्डिंग में 26 करोड़ का काम कराया जा चुका है। डेढ़ महीने से फंड नहीं मिलने के कारण बड़े निर्माण कार्य बंद करा दिए गए हैं। साइट पर जो रॉ मटेरियल पहले से उपलब्ध है, उसका उपयोग करते हुए लेबर से काम कराया जा रहा है। 20 करोड़ की मांग के विपरीत एनएचएम ने एक करोड़ रुपए का भुगतान किया है। इसमें से विभिन्न एजेंसियों के पुराने भुगतान निपटाए गए हैं।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/gwalior/morena/news/25-crore-rupees-more-needed-nhm-officer-said-no-budget-till-march-127885968.html
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