रमजान का महीना शुरू होने वाला है। लेकिन कोरोना के चलते लोगों को घरों में ही नमाज अदा कर इबादत करना होगी। शहरकाजी डॉ. मोहम्मद इशरत अली ने इसे लेकर समाज से अपील की है। उन्होंने धनाढ्य मुस्लिमजनों से कहा है कि वे इस बार समाज के जरूरतमंद लोगों का ज्यादा ध्यान रखें। उनके घर में कोई भूखा न सोए। नए कपड़ों की व्यवस्था करें। कर्बला मैदान इंतेजामिया कमेटी अध्यक्ष फारूक राईन व समाज के अन्य धर्मगुरुओं ने कहा है कि 3 मई तक लॉकडाउन है। सभी मस्जिदों से ऐलान भी किया जा रहा है कि रमजान में लोग घरों में नमाज अदा करें। तरावीह की जमाअत भी मस्जिद में सिर्फ चार-पांच लोग ही कायम करेंगे। खजराना में हुई मुस्लिम समाज की बैठक में भी लोगों से घरों में ही नमाज पढ़ने की गुजारिश की गई है।
खजूर की व्यवस्थाकराई जा रही है
- रमजान में खजूर का महत्व होता है। इसके लिए प्रशासन के सहयोग से खजूर की व्यवस्था करवाई जा रही है।
- सेहरी और इफ्तार के ऐलान मस्जिद से सुनाई देंगे। घरों से बाहर न निकलें।
- वक्त जिक्रव अजकार, तौबा व इस्तिगफार में गुजारें। किसी हाफिज साहब को घर या हाॅल में तरावीह के लिए मुतअय्यन न करें, क्योंकि यह भीड़ की शक्ल होगी, जो कि जुर्म है।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/indore/news/people-in-ramadan-read-namaz-at-home-take-care-of-the-needy-muslim-rich-people-127221265.html
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