गेहूं काटने के लिए झाबुआ से मनासा (नीमच) गए मजदूरों का जत्था शनिवार सुबह पैदल ही घर के लिए रवाना हो गया। जत्थे में 28 पुरुष, 19 महिलाएं और 10 बच्चे शामिल हैं। ये सभी झाबुआ जिले के ग्राम सादेड़ा के निवासी हैं और आपस में रिश्तेदार हैं। दोपहर करीब 4.15 बजे मेडिकल कॉलेज के पास चेकिंग पोस्ट पर पुलिस ने मजदूरों को रोका। भोजन करवाने के बाद मेडिकल चेकअप करवाया और बस से रावटी भिजवाया।
जत्थे में शामिल जितेंद्र पिता भीला सोलंकी ने बताया कि गेहूं काटने के लिए तीन महीने पहले मनासा (नीमच) के ग्राम अल्हेड़ गए थे और वहीं डेरे में रह रहे थे। लॉकडाउन के बाद कुछ दिन काम किया फिर मजदूरी मिलना बंद हो गई। जितेंद्र ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब 4 बजे अल्हेड़ से सभी पैदल रवाना हुए थे। मल्हारगढ़ चेकपोस्ट पर पुलिस ने रोका। वहां मेडिकल चेकअप हुआ व भोजन करवाकर पुलिस ने रतलाम तरफ जा रहे ट्रकों में बिठाया। दोपहर करीब 4 बजे सेजावता पहुंचे। सेजावता से पैदल आगे बढ़े तो बंजली में पुलिस ने रोक लिया। एसआई अल्केश सिंघाड़ ने बताया कि मजदूरों को भोजन करवाकर मेडिकल चेकअप करवाया है। रावटी की सीमा पर माही नदी के पार इनका गांव है। सभी के नाम दर्ज कर बस से रावटी थाने भिजवा रहे हैं।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/ratlam/news/police-transported-laborers-going-to-jhabua-on-foot-from-manasa-to-rawati-went-to-alheed-manasa-three-months-ago-to-harvest-wheat-127195666.html
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