इन दिनों गेहूं, चना आदि फसल खेतों में कटाई के लिए तैयार खड़ी हैं, लेकिन जरूरत के मान से किसानों को न तो मजदूर मिल रहे है और न ही हार्वेस्टर उपलब्ध हो पा रहे है। बीते सालों में पंजाब सहित एमपी के अन्य इलाकोें से चैत्र माह में अनेक की संख्या में हार्वेस्टर फसल कटाई के लिए आ जाते थे। साथ ही मजदूर भी फसल कटाई के लिए किसानों को सहजता में उपलब्ध हो जाते थे, लेकिन कोरोना वायरस महामारी के चलते मजदूर फसल कटाई नहीं कर रहे है। वहीं दूसरी ओर हार्वेस्टर की संख्या भी कम होने से किसान परेशान हो रहे है। जिसके चलते सही समय पर किसान के फसल की कटाई नही हो पा रही है।
दरअसल फसल की कटाई अधिक होने व हार्वेस्टर की संख्या कम होने से फसल कटाई के रेट बढ़ा दिए गए है। किसान शिव नारायण, बबलू पटेल, राजकुमार आदि ने बताया कि बीती साल हार्वेस्टर से फसल की कटाई कराए जाने पर 8 से 9 सौ रुपए प्रति एकड़ फसल की कटाई पर देना पड़ते थे। लेकिन इस साल प्रति एकड़ 12 सौ से लेकर 13 सौ रुपए फसल की कटाई कराए जाने पर हार्वेस्टर मालिकों को देना पड़ रहे है। किसानों की फसल इस साल अच्छी बनी हुई है। थ्रेसिंग व हार्वेस्टर से फसल की कटाई कराने पर गेहूं एक कुंटल पर करीब 30 कुंटल निकल रहे हैं। जबकि एक क्विंटल चना की बोवनी पर 14 से 16 क्विंटल की आवक हो रही है। किसान संजय श्रीवास्तव चंदन पिपरिया ने बताया कि विक्रय किए जाने पर सही भाव किसान को मिल जावे तो उसे फसल से आर्थिक लाभ हो सकता है। किसानों को वह जल्द से जल्द खेतों में खड़ी व कटी फसल को थ्रेसिंग व हार्वेस्टर से कटाई करा लेना चाह रहे हैं ताकि फसल को घर लाकर सुरक्षित किया जा सके।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/bhopal/raisen/news/last-year-the-rate-was-rs-800-per-acre-this-time-the-owners-are-taking-12-hundred-and-13-rupees-per-acre-127151144.html
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