जिले में गर्मी के दिनाें में दूरस्थ इलाकाें के 48 गांवाें में पेयजल संकट गहराता है। इसके अलावा 52 गांवाें में जल स्तर नीचे जाने से अांशिक रूप से जलस्राेत बंद हो जाते हैं। ग्रामीणाें काे गर्मी में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पीएचई (लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग) ने 1.50 कराेड़ रुपए मांगे है। इसका प्रस्ताव भाेपाल भेजा है। वर्तमान में जिले के 15 गांवाें की नलजल याेजना व 50 हैंडपंप बंद है।
जिले के 511 गांवाें में 4140 हैंडपंपाें में से तकनीकी खराबी के कारण 50 हैंडपंप बंद है। गर्मी बढ़ने के साथ ही जल स्तर गिरने से हैंडपंप तेजी से बंद हाेगें। इससे गांवाें में लाेगाें काे पेयजल संकट का सामना करना पड़ेगा। इसी के लिए पीएचई ने ट्यबवेल खनन, हैंडपंपाें में राइजिंग पाइप बढ़ाने अाैर नलजल याेजनाएं शुरू करने के लिए डिमांड भाेपाल भेजी है। इसमें 50 लाख रुपए ट्यूबवेल खनन, 10 लाख रुपए हैंडपंप के राइजिंग पाइप बढ़ाने, 30 लाख रुपए सिंग फेज माेटर व 60 लाख रुपए मरम्मत के शामिल हैं।
पीएचई ईई एसके पंवार ने कहा कि गर्मी में जल संकट वाले गांव चिन्हित है। सिंगल फेज माेटर, राइजिंग पाइप अाैर मरम्मत के लिए 1.50 कराेड़ रुपए का प्रस्ताव बनाकर शासन काे भेजा गया है।
15 गांवाें के 21500 लाेगाें पानी के लिए परेशान : जिले के 15 गांवाें की नलजल याेजना करीब एक साल से बंद है। इस कारण 21500 लाेगाें काे पीने के पानी के लिए परेशान हाेना पड़ रहा है। जिन गांवाें में नलजल याेजना बंद है, उनमें रेलवां, गाेगिया, करनपुरा, गाेपालपुरा, बेड़ियाकला, जामन्याकलां, निमाचाखुर्द, नयापुरा, टेमरुबहार, हीरापुर, भुवनखेड़ी, अबगांव कलां शामिल हैं। इसके अलावा तीन साल पहले शुरू हुई मुख्यमंत्री नलजल याेजना में 4 गांवाें में नलजल याेजना शुरू नहीं हाे सकी है। इसमें करणपुरा, धुरगाड़ा, नयागांव, रुंदलाय शामिल हैं।
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source https://www.bhaskar.com/mp/harda/news/mp-news-phe-asks-for-150-crores-rupees-to-quench-thirst-of-villagers-sent-to-bhopal-072036-6904124.html
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