Thursday, January 23, 2020

कैसे होगा पॉलिथीन मुक्त शहर, दो माह में एक भी कार्रवाई नहीं, दुकानदारों ने फिर शुरू की बिक्री

थोक और फुटकर विक्रेता बेच रहे पॉलिथीन, मानव जीवन के लिए बढ़ा खतरा

भास्कर संवाददाता | दतिया

दो महीने पहले तक समाप्ति की कगार पर पहुंच चुकी पॉलिथीन फिर से चलन में आ गई है। पॉलिथीन हर दुकान पर बेची जा रही है। कपड़े के थैले लोगों ने बेचना बंद कर दिए हैं। कुछेक दुकानदार ही कपड़े के थैला बेच रहे हैं। पॉलिथीन फिर से चलन में आने का मुख्य कारण नगर पालिका की बड़ी लापरवाही है। नगर पालिका ने पिछले दो महीने में एक भी दुकान से न तो पॉलिथीन जब्त की और न ही शहर में मुनादी कराकर लोगों को पॉलिथीन बिक्री बंद करने का आव्हान किया। यही कारण है कि लोग धड़ल्ले से मां पीतांबरा की पवित्र नगरी में पॉलिथीन का उपयोग कर रहे हैं। यही पॉलिथीन युक्त कचरे को मवेशी खा रहे हैं और असमय मौत हो रही है। लेकिन इससे न तो स्थानीय प्रशासन को कोई सरोकार है और न जिला प्रशासन ने कभी पॉलिथीन मुक्त शहर बनाने के लिए किसी तरह की मुहिम छेड़ी।

बता दें कि नवंबर माह में जिला प्रशासन द्वारा चलाई गई स्वच्छता मुहिम में पॉलिथीन पर अच्छी कार्रवाई देखने को मिली थी। जिला प्रशासन ने एक महीने के अंदर करीब डेढ़ सौ दुकानदारों पर डेढ़ लाख से अधिक का जुर्माना वसूल किया था। इस जुर्माने की कार्रवाई का नतीजा यह हुआ कि पूरा शहर पॉलिथीन मुक्त हो गया था। फुटकर और थोक विक्रेता कपड़े के थैले में सामान रखकर बेचने लगे थे। इस मुहिम को पूरे शहर के व्यापारी, जनप्रतिनिधि, अफसर व आमजन ने सराहा था और तत्कालीन कलेक्टर बीएस जामोद समेत सभी अफसरों की तारीफ भी होती थी।

तत्कालीन कलेक्टर जामोद का दिसंबर के प्रथम सप्ताह में स्थानांतरण हो गया। जामोद के जाने के बाद एक भी प्रशासनिक अधिकारी पॉलिथीन को बंद कराने की इच्छाशक्ति नहीं दिखा सका। इसका नतीजा यह हुआ कि पूरी तरह समाप्ति की कगार पर पहुंचने वाली पॉलिथीन फिर से धीरे धीरे उपयोग में आने लगी और पिछले दो महीने में पॉलिथीन का उपयोग खुलकर हो रहा है। हर छोटा बड़ा सामान पॉलिथीन में ही रखकर दिया जाता है। पॉलिथीन बेचने वाले दुकानदारों में जिला प्रशासन और स्थानीय प्रशासन की कार्रवाई का भय खत्म हो गया।

लापरवाही पॉलिथीन जलाने से वातावरण प्रदूषित हो रहा और खाने से मवेशियों की हो रही मौत

पॉलिथीन युक्त कचरे के ढेर पर आहार तलाशता गायों का झुंड। ऐसे ही पॉलिथीन खाकर गायों की मौत हाे जाती है।

मां पीतांबरा की नगरी को स्वच्छ बनाने अफसर गंभीर नहीं

मां पीतांबरा की नगरी वर्ष 2008 से पवित्र नगरी घोषित है। पवित्र नगरी में पॉलिथीन का उपयोग पूरी तरह वर्जित रहता है। लेकिन पिछले 11 साल में जिला और स्थानीय प्रशासन ने एक बार भी पवित्र नगरी को पॉलिथीन मुक्त करने के लिए अभियान नहीं चलाया। नवंबर 2019 में तत्कालीन कलेक्टर जामोद ने ही पीतांबरा माई में गहरी आस्था होने के चलते शहर को पॉलिथीन मुक्त बनाने का वीणा उठाया था और अभियान भी शुरू किया। लेकिन इसके बाद किसी भी प्रशासनिक अधिकारी ने गंभीरता नहीं दिखाई। मां पीतांबरा की शरण में जिले के सभी अफसर मत्था टेककर मनोकामनाएं पूरी होने के लिए आशीर्वाद मांगते हैं लेकिन मां पीतांबरा की नगरी को साफ व स्वच्छ बनाने के लिए कभी काम नहीं किया।

अतिक्रमण की कार्रवाई चल रही है

पॉलिथीन पर कार्रवाई के लिए हम जल्द ही अभियान शुरू कराएंगे और मुनादी भी कराएंगे। अभी अतिक्रमण की कार्रवाई चल रही है। बाबूलाल कुशवाहा, सीएमओ नपा दतिया

पॉलिथीन पर कार्रवाई के लिए न टीम बनाई न मुनादी कराई

शहर में पॉलिथीन विक्रेताओं पर कार्रवाई के लिए स्थानीय प्रशासन ने आज तक कार्रवाई के लिए टीम गठित नहीं की है। जबकि नगर पालिका के पास पर्याप्त अमला है। हेल्थ ऑफिसर भी पदस्थ है लेकिन कभी भी जुर्माने और पॉलिथीन जब्त करने संबंधी अभियान नहीं छेड़ा। नगर पालिका ने स्वेच्छा से कभी भी शहरी क्षेत्र में पॉलिथीन की बिक्री प्रतिबंधित करने के लिए मुनादी तक बाजार में नहीं कराई है।



पॉलिथीन से हाे रही जानवरों की मौत

पॉलिथीन से प्रतिदिन कई गायों की मौत हो रही है। सेंवढ़ा रोड, भांडेर रोड, सेंवढ़ा चुंगी बायपास रोड, ग्वालियर-झांसी हाइवे पर कई गाये मृत पड़ी देखी जा सकती हैं। इन गायों की मौत सिर्फ और सिर्फ पॉलिथीन खाने के कारण हो रही है। पॉलिथीन जलाने से वातावरण प्रदूषित हो रहा है जिससे लोग बीमार हो जाते हैं। जमीन भी बंजर हो रही है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Datia News - mp news how will the polythene free city not a single action in two months shopkeepers resumed sales


source https://www.bhaskar.com/mp/datia/news/mp-news-how-will-the-polythene-free-city-not-a-single-action-in-two-months-shopkeepers-resumed-sales-071018-6465220.html

No comments:

Post a Comment