Thursday, January 2, 2020

दरों को लेकर भी उठ रहे हैं सवाल

डीबी स्टार भोपाल

एक तरफ एफसीआई के जिम्मेदार अधिकारी कहते हैं कि उन्होंने ताे अनुबंधित टैक्सी एजेंसी से ही तय दरों पर वाहन लिए हैं। दूसरी तरफ तथ्य कुछ और ही बयां करते हैं। शिकायत के साथ सौंपे दस्तावेजों की पड़ताल में पता चला है कि वर्ष 2016 से 2018 तक टैक्सी सर्विस अनुबंधित एजेंसी के बजाय दूसरी एजेंसी से ली गई। यह टैक्सियां तय किराए से कम किराए पर ली गई। टैक्सी लेने के बाद उनकी स्लिप पर हस्ताक्षर भी एफसीआई के कर्मचारियों के हैं। आरोप यह भी है कि वर्ष 2015 में जब टेंडर हुआ तो इनोवा की दरें 14 से 16 रुपए और इंडिगो की 12 से 13 रुपए प्रति किमी की दर से स्वीकार की गई थी। लेकिन लेक सिटी ट्रैवल वालों से इनोवा 12 रुपए प्रति किमी और इंडिगो व स्विफ्ट डिजायर 10.50 प्रति किमी की दर से ली गई। बाद में गरुड़ा टैवल्स से अधिक दरों में बिल लगवाकर भुगतान करवा लिए गए। लेकिन लेक सिटी को कम दरों से गरुड़ा द्वारा भुगतान किया गया।

मैंने लेक सिटी की टैक्सी नहीं दिलवाई

मेरा अनुबंध एफसीआई से हुआ था, लेकिन मैंने कभी भी लेक सिटी ट्रैवल वालों की टैक्सी इन्हें लेने के लिए नहीं कहा। इन्होंने ही मुझे लेक सिटी का पैसा भुगतान करके उसे देने को कहा। तब जाकर मैंने भुगतान लेक सिटी को किया। नीरज टंडन, संचालक गरुड़ा ट्रेवल्स

हमसे डायरेक्ट टैक्सी ली गई थीे

एफसीआई के अधिकारी-कर्मचारी पीयूष श्रीवास्तव और संदीप कुमार ने हमसे टैक्सी किराए पर ली। जब भुगतान का समय आया तो गरुड़ा ट्रैवल्स के जरिए भुगतान करवा दिया। बाकी रुपया हमें नहीं दिया है। पूरे मामले में आर्थिक गड़बड़ी हुई है और इसकी बारीकी से जांच होना चाहिए। मैंने इसकी शिकायत पुलिस और अन्य जगह की है। पीआर नागर, संचालक लेक सिटी ट्रेवल्स



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source https://www.bhaskar.com/mp/bhopal/news/mp-news-questions-are-also-being-raised-regarding-the-rates-065506-6301892.html

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