सस्ते होने से व्यापारी सबसे ज्यादा अनार का व्यापार कर रहे।
खेतों में पानी जमा होने से प्याज फसल हुई खराब
इस साल अतिवृष्टि से ज्यादातर किसानों ने प्याज की खेती नहीं की। कुछ इक्का-दुक्का किसानों ने अगर प्याज लगाया भी होगा तो खेतों में पानी जमा होने से प्याज खराब हो गया। जिससे प्याज का उत्पादन ना के बराबर रहा। उद्यानिकी विभाग के उपसंचालक केएस मंडलोई ने बताया रबी सीजन में अब तक जिले में लगभग ढाई हजार हेक्टेयर में प्याज की बोवनी हुई है। यह बढ़कर चार हजार हेक्टेयर में जा सकती है। उपसंचालक मंडलोई के मुताबिक प्याज की फसल लगभग साढ़े तीन महीने की हाेती है। ज्यादातर किसानों के खेतों में प्याज की फसल खड़ी है। इसलिए किसान का प्याज मंडी में नहीं पहुंच रहा। व्यापारी मोरे के मुताबिक अभी दूसरे शहर से रोजाना 500 कट्टों की आवक हो रही है। प्याज के ऊंचे दामों के कारण सब्जी व्यापारी भी थोक में खरीदी कम कर रहे। व्यापारियों के मुताबिक छोटा प्याज 30 रु. में बिक रहा। जबकि मीडियम और बड़ा प्याज 50 रु. किलों में बिक रहा है।
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source https://www.bhaskar.com/mp/dhar/news/mp-news-rs-50-pomegranate-of-gujarat-cheaper-than-onion-of-kg-of-maharashtra-price-only-rs-30-kg-072526-6324830.html
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