शहर में चंबल रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां धड़ल्ले से गुजर रहीं हैं। रेत माफिया ने अब फ्लाईओवर के नीचे अपना नया ठिकाना बना लिया है, वहीं बड़ोखर क्षेत्र में भी रेत मंडी लग रही है। वन विभाग व पुलिस अधिकारियों अनदेखी के चलते रे माफिया के हौसले बुलंद हैं।
राजघाट, जैतपुर, भानपुर, गड़ोरा, बरबासिन क्षेत्र से रेत के वाहन रोजाना हाइवे से होकर शहर में प्रवेश करते हैं। इतना ही नहीं रेत से भरे यह ट्रैक्टर-ट्रॉली सरायछौला, सिविल लाइन, सिटी कोतवाली, स्टेशन रोड थाने के सामने से निकल जाते हैं, लेकिन कोई भी अधिकारी रेत माफिया के खिलाफ कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं जुटा पाता। इन दिनों सुबह 5 बजे से नेशनल हाइवे पर केस एच चौराहे पर फ्लाईओवर के नीचे 100 से अधिक चंबल रेत से भी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां खड़ी हो रहीं हैं।
इसके अलावा ओद्योगिक क्षेत्र की मेन सड़क पर दर्जनों ट्रैक्टर-ट्रॉलियां खड़ी रहती हैं। खास बात यह है कि यहां वन विभाग का कार्यालय नजदीक है तथा फॉरेस्ट का उड़नदस्ता भी भ्रमण करता है, लेकिन वह कार्रवाई करने के बजाए तेज हॉर्न बजाकर रेत से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को दौड़ाने का कार्य करता है। सुबह के समय शहर की एमएस रोड पर भी चंबल रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का गुजरना आम बात है।
मैं एक-दो दिन में चेकिंग कर कार्रवाई करूंगा
नेशनल हाइवे के फ्लाईओवर के नीचे रेत के ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़े हो रहे हैं इस संबंध में मुझे जानकारी नहीं है। मैं एक-दो दिन चैक करवाकर अवैध रेत कारोवारियों पर कड़ी कार्रवाई करूंगा।
बसंत कुमार निकम्प, डीएफओ
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/gwalior/morena/news/chambals-sand-loaded-tractor-trolley-fires-in-the-city-there-is-a-possibility-of-an-accident-127979487.html
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