सीआरपीएफ कमांडो का शव रेलवे ट्रैक पर मिला। अज्ञात शव को 72 घंटे बाद दफनाने का नियम है परंतु आलोट पुलिस ने 18 घंटे में ही दफना दिया। इससे भी बड़ी लापरवाही तब सामने आई जब परिजन शव लेने पहुंचे। उनको मृतक के शरीर पर पोस्टमार्टम के कोई निशान नहीं मिले। इस पर उन्होंने आपत्ति ली तब कमांडो का शव निकालकर जिला अस्पताल भिजवाया। यहां मंगलवार को पोस्टमार्टम होगा।
14 नवंबर को सुबह 10 बजे आलोट के पास थूरिया में रेलवे ट्रैक पर एक युवक का शव पड़े होने की सूचना थी। इस पर आरपीएफ और रेलवे के अधिकारी-कर्मचारियों की मौजूदगी में पुलिस ने मौका मुआयना किया। सिर कुचल जाने के कारण शव की पहचान नहीं हो पाई थी। पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए शव आलोट अस्पताल भिजवाया और पीएम के बाद शव को दफना दिया। 14 नवंबर को राजधानी एक्सप्रेस मुंबई पहुंची तो एक सीट पर आरपीएफ को यात्री का मोबाइल फोन और बैग मिला। यात्री की शिनाख्त अजीतसिंह परमार (30) निवासी ग्राम कोडिनार जिला गिरी (सोमनाथ गुजरात) के रूप में हुई। आरपीएफ ने मृतक के परिजन और आलोट पुलिस को सूचना दी। जानकारी मिलने पर अजीतसिंह के काका शिवनाथभाई, चचेरा भाई विपिन, मामा भरतभाई और रिश्तेदार संदीपसिंह सोमवार सुबह आलोट पहुंचे। परिजन के पहुंचने पर शव को कब्र से निकलवाकर परिजन के सुपुर्द कर दिया। जानकारी मिलने पर आलोट के राजेश सोलंकी, वीरेंद्रसिंह सोलंकी, पुष्पराजसिंह सोलंकी आदि भी पहुंच गए थे। परिजन ने शव को देखा तो पोस्टमार्टम की कार्यवाही के निशान नहीं दिखे। करणी सेना के प्रदेश को-ऑर्डिनेटर यादवेंद्रसिंह तोमर ने बताया कि जरूरत हुई तो मप्र, राजस्थान व गुजरात में आंदोलन करेंगे।
दफनाया हुआ शव फिर निकाला, आज जिला अस्पताल में पीएम
परिजन के अनुसार शव को बाहर निकालकर दिया तब देखकर पता चला कि पुलिस ने बिना पीएम के ही शव दफना दिया था। इसे लेकर जब उन्होंने आपत्ति ली तो पीएम के लिए शव को जिला चिकित्सालय भिजवाया। थाना प्रभारी दीपक शेजवार ने बताया कि हम अस्पताल बॉडी भिजवा देते हैं और पीएम फाॅर्म भरकर दे देते हैं। उसके बाद हमें बॉडी कपड़े में लिपटी मिलती है। इसके बाद हम सीधा दफना देते हैं। इधर बीएमओ डॉ. अब्दुल कादिर ने बताया कि शव पूर्ण रूप से शत-विक्षिप्त हो गया था। मौत के कारणों की जांच के लिए पीएम करते हैं। मौत का कारण ट्रेन से गिरकर कटना है। इसलिए विसरा लेकर बॉडी पुलिस को सौंप दी। एसडीएम राजेश कुमार शुक्ला का कहना है कि डॉक्टर ने शव परीक्षण करने के बाद प्राथमिक पीएम रिपोर्ट दी है। शव क्षत-विक्षत होने व ट्रेन से कटने के कारण ज्यादा कुछ नहीं किया होगा। तकनीकी रूप से डॉक्टर सही जानकारी दे सकते हैं। फिर भी परिजन का आरोप है कि कहीं लापरवाही हुई है तो जांच करवाई जाएगी।
अजीत सिंह ने आखिरी बार मंगेतर से बात की थी
12 नवंबर को अजीतसिंह बिहार रेजीमेंट से छुट्टी पर कोडिनार आ रहे थे। 13 नवंबर को रात 11 बजे अजीत सिंह ने मंगेतर हिना से फोन पर बात की। कहा कि उन्हें नींद आ रही और वडोदरा में सुबह 4 बजे कॉल करूंगा। सुबह कोई कॉल नहीं आया तो हिना ने सुबह 8.54 बजे कॉल किया लेकिन अजीतसिंह ने रिसीव नहीं किया। इसके बाद अजीत का सामान मुंबई रेलवे स्टेशन पर मिला लेकिन वे साथ नहीं था।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/ratlam/news/the-police-buried-the-body-of-the-commandos-without-understanding-pm-the-family-took-objection-127919171.html
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