लॉकडाउन के बाद अब बाजार और दुकानें पूरी तरह खुल गई हैं, व्यापार भी धीरे-धीरे पटरी पर आ रहा है, लेकिन कोविड-19 को लेकर जो गाइडलाइन बनी है वह तार-तार हो रही है। लोगों की भीड़ बाजारों में उमड़ रही है, लोग बेफिक्र होकर घूम रहे हैं जैसे कोरोना वायरस खत्म हो गया हो। जिन दुकानों में लोग खरीदी करने जा रहे हैं वहाँ पर भी िनयमों की धज्जियाँ उड़ रही हैं, सोशल िडस्टेंसिंग का पालन नहीं हो रहा है तो कहीं सेनिटाइजर िदखावे के लिये रखा है। बाइकों में तीन सवारी लोग घूम रहे हैं, खरीददारी करने भी गुट बनाकर जा रहे हैं। प्रशासन भले ही यह कह रहा है कि उनकी तैयारी है, लेकिन संक्रमण अगर बढ़ता है तो फिर मुश्किलें भी बढ़ जायेंगी।
अनलॉक शुरू होने के साथ ही लापरवाही भी बढ़ गई है, जबकि संक्रमण का खतरा अभी टला नहीं है। जबलपुर में हर दिन कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। कोविड-19 को लेकर बनी नई गाइडलाइन के अनुसार अब उन्हीं मरीजों का टेस्ट किया जाना है जिनमें संक्रमण के कोई लक्षण नजर आते हैं, इसलिए लोगों को खुद ही सावधानी रखनी होगी, क्योंकि बहुत से मामले ऐसे भी सामने आये हैं जिनमें लोगों में लक्षण नहीं थे, लेकिन जब वे किसी और मर्ज का इलाज कराने पहुँचे और उनकी कोरोना वायरस की जाँच हुई तो िरपोर्ट पाॅजिटिव आ गई। प्रशासन भी इसलिए हर बार यही कह रहा है कि सावधानी रखें और सुरक्षित रहें।
सर्वे किया जा रहा है| कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज प्रदेश में सबसे पहले जबलपुर में मिले थे जिसके कारण प्रशासन ने यहाँ उसी हिसाब से तैयारी भी कर ली थी। हालाँकि ढाई महीने बीतने के बाद जिले में संक्रमित मरीजों का आँकड़ा लगभग 3 सैकड़ा के करीब पहुँच रहा है। दूसरी तरफ जबलपुर में मरीजों के ठीक होने का रिकाॅर्ड भी अच्छा है फिर भी प्रशासन ने अपनी तरफ से तैयारी कर रखी है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि अब टेस्ट क्षमता 2 सौ से बढ़कर 4 सौ होने वाली है इसलिये वैसी तैयारी है। अभी हम उनके टेस्ट कर रहे हैं जो सर्वे में सामने आते हैं या किसी कि ट्रैवल हिस्ट्री मिलती है या िफर किसी पाॅजिटिव के संपर्क में आये हैं इसके अलावा जिनमें लक्षण नजर आते हैं उनके ताे टेस्ट होते ही हैं।
ऐसी है तैयारी
संक्रमित मरीजों में जिन्हें वेंटिलेटर लगना है ऐसे मरीजों के लिये 2 सौ बेड मेडिकल अस्पताल में हैं, जबकि बाकी के बेड अन्य जिलों के पेशेंट के लिये सुरक्षित रखे गये हैं। इसी तरह जिन मरीजों को आॅक्सीजन की जरूरत पड़ सकती है उनके लिये िवक्टोरिया अस्पताल में 2 सौ बेड हैं, साथ ही रेलवे अस्पताल में 60 बेड, सुखसागर अस्पताल में 3 सौ बेड हैं व 4 िनजी अस्पताल भी हैं जहाँ मरीजों को रखा जायेगा। वहीं रांझी आवासीय विद्यालय, रामपुर का आदिवासी हॉस्टल, इंजीनियरिंग काॅलेज के साथ ही अन्य हॉस्टल हैं जहाँ व्यवस्थाएँ की गई हैं।
^बाजार खुलने से संक्रमण का खतरा बढ़ गया है, लोगों को स्वयं जागरूक रहते हुए दूसरों को भी जागरूक करना है। जो नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं उन्हें टोकना है। दुकानदारों को भी सावधानी बरतते हुए व्यापार करना है। प्रशासन ने अपनी तरफ से तैयारी रखी है ।
-भरत यादव, कलेक्टर
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/jabalpur/news/unlock-1-social-distancing-in-the-markets-the-risk-of-wire-to-wire-infection-remains-intact-negligence-will-be-heavy-127394347.html
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