लंबे समय बाद शहर की शराब दुकानें जैसे ही खुलीं लोगों का हुजूम लग गया। हर व्यक्ति चाह रहा था कि उसे जल्दी शराब की बोतल मिले और वह रवाना हो। कई ऐसे लोग भी थे जो पूरी पेटी ले गये। कुछ दिनों पहले शहरी क्षेत्र के बाहर की दुकानें खोली गई थीं, लेकिन सरकार और ठेकेदारों के बीच चल रहे िववाद के कारण ये दुकानें ज्यादा िदन नहीं खुल पाईं। अंतत: शराब ठेकेदारों ने अपने लाइसेंस सरेंडर कर दिये। आनन-फानन में सोमवार की रात भोपाल से फरमान आया कि दुकानों का संचालन आबकारी िवभाग करेगा। इसी के चलते रातों-रात तैयारियाँ हुईं और मंगलवार दोपहर बाद लगभग 66 शराब दुकानें खोली गईं। जिनमें शहरी क्षेत्र की 30 और ग्रामीण क्षेत्र की 36 दुकानें शामिल हैं। पहले दिन कोई डिमांड नहीं भेजी गई जो पुराना स्टॉक था वही बेचा गया।
होमगार्ड के जवान कर रहे सहयोग| शराब के दुकान संचालन में होमगार्ड के जवान सहयोग कर रहे हैं। इन दुकानों में शराब ठेकेदार के कर्मचारी भी काम कर रहे हैं। आबकारी िवभाग ने होमगार्ड के 286 जवानों की इन दुकानों में तैनाती की माँग की थी लेकिन िवभाग द्वारा 38 जवान ही भेजे गये।
इन दुकानों में रही भीड़| शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की कई दुकानें ऐसी थीं जिनमें बहुत ज्यादा भीड़ लगी थी। इंदिरा मार्केट, मालवीय चौक सहित अन्य दुकानें ऐसी रहीं जिनके खुलने के साथ ही लोग लाइन लगाकर खड़े हो गये। इस दौरान बहुत से लोग नियम तोड़ते नजर आये। कुछ बिना मास्क के तो कुछ ने सोशल डिस्टेंसिंग तोड़ते हुए शराब की बॉटल खरीदी।
^जिले की 144 देशी विदेशी शराब दुकानों में से अभी 66 दुकानें ही खोली गई हैं, इसमें भी कंटेनमेंट जोन की दुकानों को बंद रखा गया है, फिलहाल इतनी ही दुकानों का संचालन किया जायेगा।
एसएन दुबे, सहायक आयुक्त आबकारी
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/jabalpur/news/66-liquor-shops-opened-queues-started-on-the-first-day-the-same-stock-was-sold-127394350.html
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