(आशीष दुबे )लॉकडाउन के भीतर एक तरफ ऐसे लोग हैं जो भीड़ लगाकर कोरोना की लड़ाई में समाज के दुश्मन के रूप में सामने आ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ ऐसे परिवार भी हैं जिन्होंने सरकार द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने के अलावा खुद ही छोटे-छोटे नियम बनाकर सोशल डिस्टेंसिंग बना रखी है। शहर में एक अपार्टमेंट के भीतर रहने वाले परिवार इस तरह छोटे-छोटे नियमों का पालन कर सोशल डिस्टेंसिंग का उदाहरण बने हैं।
छाया नगर स्थित सात मंजिला अपार्टमेंट नीरा हवेली में रहने वाले परिवारों के लोगों ने खुद यह नियम तय किए हैं ताकि खुद के अलावा दूसरों को भी संक्रमण का खतरा न रहे। इस अपार्टमेंट में कुल 84 फ्लैट हैं, जिनमें से 60 फ्लैट में अलग-अलग परिवारों के 250 से अधिक लोग रहते हैं। नीरा हवेली रहवासी संघ के यतीश बोहरा (व्यापारी), सेवानिवृत्त बैंक मैनेजर राकेश जैन, कर सलाहकार विजेंद्र शर्मा आैर व्यापारी विनय जैन सहित अन्य रहवासियों ने बताया लॉकडाउन के दिन ही यहां रहने वाले सभी परिवारों ने दो-दो मीटर के अंतराल में बैठक कर कुछ छोटे-छोटे नियम बनाए। जिसका पालन लॉक डाउन के दिन से ही सभी 250 लोग कर रहे हैं। अपार्टमेंट के मुख्य गेट बंद कर दिया गया है आैर इसमें किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश को बंद कर दिया गया है। अपार्टमेंट की लिफ्ट की बजाय सभी लोग सीढ़ियों का उपयोग करते हैं। केवल वृद्ध आैर शारीरिक रूप से अक्षम लोग ही लिफ्ट से आते-जाते हैं। अच्छी बात यह है कि दवाई या अन्य अति आवश्यक वस्तुओं के लिए लोगों को बाहर भी जाना पड़ता है तो वे सुरक्षाकर्मी को बताकर जाते हैं आैर आने पर पहले खुद को सैनिटाइज करते हैं। मल्टी में 35 महिला-पुरुष साफ-सफाई, झाडू-पोछा करने आती हैं लेकिन इन सभी को लॉक डाउन के दिन से ही छुट्टी दे दी गई है।
ये कदम उठाए... अखबार, दूध, सब्जी, पानी सब बाहर रखवा लेते हैं फिर परिवार आकर ले जाते हैं
- अखबारों के सभी हॉकर्स से पेपर नीचे ही गार्ड बादल सिंह कुशवाह द्वारा रखवा लिए जाते हैं। प्रत्येक पेपर पर फ्लैट नंबर लिख दिया जाता है। फ्लैट में रहने वाले नीचे आकर अपना पेपर ले जाते हैं।
- सब्जी, पानी की कैन के लिए गेट के बाहर से ही लेनदेन होता है। पैक्ड दूध देने वाले 7-8 अन्य लोगों से गेट पर ही गार्ड दूध एकत्रित कर लेते हैं। परिवार के सदस्य नीचे आकर दूध के पैकेट ले जाते हैं।
अपने-अपने घरों में ही लक्ष्मण रेखा - लोग मल्टी में ही रहते हैं लेकिन वे किसी आस-पड़ोसी के फ्लैट में नहीं जाते हैं। सभी परिवार अपने-अपने घरों के बाहर लक्ष्मण रेखा का रूल बनाकर इसका पालन करते हैं।
सोशल डिस्टेंसिंग के साथ स्वास्थ्य का भी रखते हैं ध्यान
अपार्टमेंट के नीचे एक वॉकिंग जोन भी है। जिसमें प्रतिदिन सुबह-शाम लोग वॉक के अलावा योग व एक्सरसाइज करते हैं। इसमें भी खास बात यह है कि एक निश्चित समय में 10 से अधिक लोग इसमें नहीं रखे जाते। 15 से 20 मिनट बाद रोटेशन के आधार पर लोग बदल जाते हैं।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/ujjain/news/this-will-be-far-away-corona-use-of-stairs-instead-of-lift-sent-all-employees-on-paid-leave-127202103.html
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