गरीब महिलाओं की मजबूरी कहे या फिर चालाकी जो भी हो लेकिन लॉकडाउन के चलते अजीबो गरीब मामले सामने आ रहे हैं। शुक्रवार दोपहर एसडीएम कार्यालय पहुंची करीब एक दर्जन महिलाओं ने राशन सामग्री न मिलने की बात बताई। महिलाओं ने यहां पर मौजूद कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी धर्मेन्द्रवर्मा को बताया कि उनके घर में खाने के लिए अनाज नहीं है जिसके चलते उनको परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ऐसे में कहीं काम भी नहीं लग रहा है कि मजदूरी के बदले मेहनताना मिल सके और परिवार का भरण पोषण कर सकें। धर्मेंद्र वर्मा ने पहले तो सभी महिलाओं को नाम रजिस्टर्ड में दर्ज किए और राशन दिलवाने का आश्वासन दिया लेकिन मजे की बात है कि इन महिलाओं ने बताया कि शासन ने उन्हें तीन महीने का एडवांस राशन दिया था उसे उन्होंने बाजार में बेच दिया है जिसके बदले में घर की अन्य सामान खरीदकर ले आए हैं अब खाने के लाले पड़ रहें हैं। शासन के अनाज को बेचकर मसाले और सब्जी आदि खरीद ली थी। अब उनके पास अनाज नहीं है जिससे भूखे मरने की नौबत आ गई है। नगर के वार्ड क्रमांक 8 की लगभग 15 महिलाओं ने एसडीएम कार्यालय में पहुंचकर बताया कि इस बंद के चलते लगभग 17 दिनों से हम मेहनत मजदूरी करने वाले समस्त परिजन घर में ही बैठे हुए हैं
लॉकडाउन के कारण घर से बाहर नहीं निकल पा रह,े बाहर निकलते हैं तो पुलिस मारती है इस कारण कोई भी परिवार का सदस्य मेहनत मजदूरी के लिए नहीं जा पा रहा जिन खेतों में कटाई करने के लिए गए थे वहां कटाई पूरी हो चुकी है बाकी अन्य खेतों में हार्वेस्टर से कटाई की जा चुकी है। कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी धर्मेंद्र वर्मा ने आने वाली महिलाओं के नाम सूचीबद्ध कर जानकारी ली कि किन-किन के राशन कार्ड है एवं किनके राशन कार्ड नहीं है उन्होंने कहा कि जिनके राशन कार्ड नहीं है उनके जल्द से जल्द राशन कार्ड बनवा दिए जाएंगे एवं जिनके राशन कार्ड है उन्हें जल्दी राशन प्राप्त होगा जांच के दौरान पाया गया कि इन 15 महिलाओं में कुल 3 महिलाओं के राशन कार्ड नहीं है। कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी ने हर संभव मदद करने का भरोसा दिलाया है।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/bhopal/raisen/news/grocery-and-vegetables-brought-in-by-selling-ration-from-the-government-women-reached-sdm-office-for-food-grains-127144861.html
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