Sunday, April 5, 2020

बंद फैक्टरियों में जितनी बिजली की खपत, अब उतना ही देना होगा बिल


लॉकडाउन के दौरान जिन कारोबारियों को फैक्टरियां बंद करना पड़ीं, उनको बिजली कंपनी अब बिल चुकाने में एक बड़ी राहत देने जा रही है। दरअसल, मप्र विद्युत अधिनियम 2013 की धारा 11 के प्रावधानों के तहत राष्ट्रीय आपातकाल, लॉकडाउन और कर्फ्यू की स्थिति में अगर प्लांट बंद करना और प्रोडक्शन रोकना पड़े तो बिजली कंपनी इनसे निर्धारित लोड के हिसाब से बिल वसूल नहीं कर सकती। न ही औसत बिल जारी कर सकती है। इनसे सिर्फ उतना ही बिल वसूल किया जाएगा, जितने लोड की बिजली फैक्टरी संचालकों ने जलाई होगी। बिजली कंपनी के अफसराें के मुताबिक, जल्द ही इस संबंध में आदेश जारी कर दिए जाएंगे।

यानी अगर लॉकडाउन के दौरान जितने दिन फैक्टरी बंद रहेगी, उतने दिन का कोई औसत बिल चुकाने की नौबत नहीं आएगी। आम तौर पर किसी भी फैक्टरी को 500 केवीए का कनेक्शन दिया जाता है लेकिन जब ऐसी स्थिति आती है तो लोड घटाकर स्वत: ही 100 केवीए का कर दिया जाता है। उसी हिसाब से बिलिंग निकाली जाती है। यहां बताना जरूरी है कि घरेलू उपभोक्ताओं को यह लाभ नहीं मिल पाता है। उनको मार्च में फरवरी के बिल के आधार पर औसत बिल भेजे गए हैं। लेकिन कमर्शियल और इंडस्ट्रियल उपभोक्ताओं को औसत बिल नहीं भेजे जाएंगे। उनको विद्युत अधिनियम 2013 के प्रावधानों के मुताबिक रीडिंग से ही बिल आएगा। बिजली कंपनी ने साफ किया है कि अगर किसी इंडस्ट्रियल या कमर्शियल कनेक्शनधारी को औसत बिल आया है तो वह अपने महाप्रबंधक या मुख्य महाप्रबंधक के नोटिस में यह बात लाकर प्रावधानों का लाभ ले सकता है।

जल्द ही इस मामले में निर्णय लिया जाएगा


जीके भरदया, मुख्य महाप्रबंधक, बिजली कंपनी ,ग्वालियर रीजन



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source https://www.bhaskar.com/mp/gwalior/news/mp-news-consumption-of-electricity-in-closed-factories-now-the-same-bill-will-have-to-be-paid-070539-6978291.html

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