गर्मी शुरू होते ही शहर में एसी, कूलर और रेफ्रिजरेटर आदि इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद की डिमांड तो बढ़ गई है, लेकिन लॉकडाउन के कारण दुकानें बंद होने से कारोबार ठप पड़ा है। इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबारियों के मुताबिक, मार्च से मई तक के तीन माह उनके लिए काफी महत्वपूर्ण होते हैं, लेकिन लॉकडाउन के कारण डेढ़ माह में ही करीब 50 करोड़ का व्यापार प्रभावित हो चुका है। वहीं केंद्र सरकार अब ई कॉमर्स कंपनियों के मार्फत एसी, कूलर और रेफ्रिजरेटर आदि इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद होम डिलीवरी द्वारा बिकवाने जा रही है। ऐसे में इसका विरोध करते हुए स्थानीय कारोबारियों का कहना है वे भी ऑर्डर लेकर ही होम डिलीवरी करते आ रहे हैं इसलिए उन्हें भी लॉकडाउन में राहत दी जानी चाहिए। वे लोगों को सस्ता सामान उपलब्ध करा सकते हैं। सरकार यदि इस सेक्टर के स्थानीय कारोबारियों को अनुमति देती है तो काफी हद तक राहत मिल जाएगी। गौरतलब है कि शहर में 150 छोटे-बड़े कारोबारियों द्वारा तीन माह के सीजन में करीब 100 करोड़ रुपए का व्यापार किया जाता है। कंपनियां भी इस दौरान बिक्री बढ़ाने के लिए ऑफर्स लेकर आती हैं।
इधर, इस मामले में खुदरा कारोबारियों के संगठन कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स और मध्यप्रदेश चेंबर ऑफ कॉमर्स ने प्रधानमंत्री से लेकर स्थानीय सांसद को ई कॉमर्स कंपनियों के मार्फत इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद की बिक्री की अनुमति देने पर पुन: विचार करने संबंधी पत्र लिखे हैं। संगठनों ने यह चेतावनी भी दी है कि यदि अनुमति दी गई तो संकट के इस समय में सरकार के खिलाफ व्यापारियों को आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
स्थानीय कारोबारियों को मिले राहत
- करीब चार सौ लोगों के आर्डर ले चुके हैं। माल भी तैयार कर गोदामों में रखा है। बस सरकार के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। दीपक बत्रा, विशाल विंडो कूलर
- ई कॉमर्स कंपनियां जिस कीमत पर इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों की होम डिलीवरी करेंगी, उससे कम कीमत पर स्थानीय कारोबारी दे देंगे। स्थानीय कारोबारियों को राहत का इंतजार हैं। रामू घुरैया, सिद्धार्थ विंडो कूलर
पीएम से लेकर सांसदों को पत्र लिखे हैं
मध्यप्रदेश चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष विजय गोयल और मानसेवी सचिव डॉ. प्रवीण अग्रवाल ने बताया कि स्थानीय इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबारियों को संकट के समय में होम डिलीवरी की अनुमति दी जानी चाहिए। कैट के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र जैन ने बताया कि अनुमति पर पुन: विचार करने के लिए कैट ने प्रधानमंत्री से लेकर स्थानीय सांसदों को पत्र लिखे हैं।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/gwalior/news/in-the-lockdown-the-electronics-business-stalled-for-rs-50-crore-in-a-month-and-a-half-the-loss-of-127195252.html
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