इंदौर. खजराना निवासी 70 वर्षीय महिला में बुधवार देर रात कोरोना की पुष्टि हुई थी। वे सुयश अस्पताल में भर्ती हैं। उनके 45 वर्षीय बीमार बेटे का भी चरक अस्पताल में इलाज चल रहा था। मां में कोरोना संक्रमण का पता लगते ही अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें डिस्चार्ज कर दिया। उनके रिश्तेदार जुबैर मुलतानी बताते हैं कि अस्पताल वाले बोले- एमवायएच ले जाओ। हम पहले मयूर अस्पताल ले गए। वहां मना कर दिया। इसके बाद बांबे हॉस्पिटल, सुयश और चोइथराम अस्पताल ने भी मना कर दिया।
एमवायएच में भी सुनवाई नहीं हुई। पूरा दिन छह अस्पताल भटके लेकिन मां संक्रमित होने से बेटे को भर्ती नहीं किया गया। एम्बुलेंस 108 को फोन लगाया तो बोले कि 104 नंबर पर लगाओ। 104 नंबर पर लगाया तो जवाब मिला कि एम्बुलेंस 108 पर लगाओ। सीएम हेल्पलाइन पर भी रिस्पांस नहीं मिला। आखिरकार जिला प्रशासन को शिकायत की। तब एक डॉक्टर का फोन आया। एम्बुलेंस की व्यवस्था तब भी नहीं हुई। फिर डॉक्टर ने कहा कि एम्बुलेंस 108 से आ जाइए। उसे फोन लगाए भी दो घंटे बीत गए है लेकिन एम्बुलेंस नहीं आई। इनकाे घर में रखना भी सुरक्षित नहीं है।
गाेकुलदास : कोरोना पॉजिटिव को दूसरे अस्पताल भेजा, अब कार्रवाई
खातीवाला टैंक क्षेत्र की जिस 55 वर्षीय महिला में कोरोना का संक्रमण मिला था, उसे गोकुलदास अस्पताल ने भर्ती करने से मना कर दिया था। महिला को 10-12 किमी दूर अरबिंदो अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। अन्य अस्पतालों ने भी हां नहीं की। अब स्वास्थ्य विभाग ने गाेकुलदास अस्पताल को नोटिस जारी किया है।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/indore/news/corona-to-mother-family-carrying-sick-son-roam-all-day-six-hospitals-banned-127052958.html
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