_photocaption_अशोकनगर| यह तस्वीर जिला अस्पताल में ट्रामा सेंटर बिल्डिंग से शिशु वार्ड को जोड़ने वाले स्थान की है। जहां आने जाने वालों के लिए खाली स्थान पर रखा एक पलंग ही दिखता है। लेकिन जब हमारी नजर पलंग पर पड़ी और पड़ताल की तो इस पलंग को ऐसे ही नहीं रखा है। बल्कि इस पलंग के पीछे जो गंदगी है इसको रखकर छुपाया जा रहा है। जबकि जिला अस्पताल में सफाई कर्मचारियों की संख्या 36 है जिन पर हर माह दो लाख 70 हजार रुपए खर्च किया जाता है। वहीं सबसे बड़ी बात यह है कि जहां पर यह पलंग रखा है उसके ठीक पास में शिशु वार्ड और सामने कुपोषण वार्ड हैं जहां हर समय बच्चे भर्ती रहते हैं। एक तरफ कोरोना से बचने की रणनीति बनाई जा रही है वहीं यह गंदगी व्यवस्था की पोल खोल रही है।
*photocaption*
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
source https://www.bhaskar.com/mp/ashoknagar/news/mp-news-face-to-face-infant-and-malnutrition-wards-instead-of-removing-the-dirt-put-it-slant-bed-063028-6795687.html
No comments:
Post a Comment