Sunday, March 1, 2020

प्यार व संस्कार नहीं होंगे तो घर में उपलब्ध हार व कार रहेंगे निरर्थक


अखिल विश्व गायत्री परिवार के मार्गदर्शन में ग्राम जलखां में आयोजित प्रज्ञा पुराण कथा में शनिवार शाम रामलाल पटेल ने ऋषि सूत्र देते हुए कहा परिवार में जहां प्रेम व संस्कार है वह धरती का स्वर्ग है। प्यार व संस्कार नहीं होंगे तो घर में उपलब्ध हार व कार निरर्थक रहेंगे। इसलिए संस्कार से जुड़े रहे। बेटियों को बहादुर व गुणवान बनाने के लिए अच्छी शिक्षा व दीक्षा दें। संस्कार से ही बच्चे समझ सकेंगे कि माता-पिता की सेवा करना सबसे बड़ा धर्म है।

माता-पिता भी अपनी जिम्मेदारियां बच्चों को देकर समाज निर्माण का काम करें। जिस परिवार के सदस्य सहकार की भावना से संगठित होकर रहते हैं वह जीवन में तरक्की करते हैं। सास अपनी बहू को बेटी जैसा प्रेम दे और बहू अपनी सास से मां जैसा व्यवहार करें तो उस घर के लड़ाई-झगड़े समाप्त हो जाएंगे। रविवार सुबह सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना से आहुतियां दीं गई। 12 नामकरण, 15 पुंसवन व 8 अन्नप्रासन संस्कार हुए। रघुवीर पटेल, सतीश पटेल, कल्याण पाटीदार व अलकेश पटेल की टोली ने संगीत दिया। ग्राम व आसपास के श्रद्धालु मौजूद थे।

इधर... मंदिर स्थापना दिवस के भंडारे में पाई प्रसादी

महेश्वर | नगर के पांचवाड़ी मार्ग स्थित साईं बाबा मंदिर का 24वां स्थापना दिवस रविवार मनाया। सांई बाबा की प्रतिमा को आकर्षक वेशभूषा पहनाकर श्रृंगार किया गया। सुबह 10 से शाम 5 बजे तक भंडारे का आयोजन हुआ। 10-10 हजार वर्गफीट के पंडाल में महिला-पुरुषों के लिए अलग-अलग बैठक व्यवस्था की गई। श्री साईं धार्मिक एवं परमार्थिक न्यास के अनुसार 10 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने मंदिर में दर्शन कर प्रसादी ग्रहण की।

प्रज्ञा पुराण की संगीतमय कथा श्रद्धालुओं को सुनाई।



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source https://www.bhaskar.com/mp/khargon/news/mp-news-if-love-and-samskara-are-not-there-then-the-necklace-and-car-available-in-the-house-will-remain-meaningless-063548-6755068.html

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