जिले में चल रहे लॉकडाउन के कारण राणापुर के पास
समोई गांव में आदवासियों का बड़ा तीर्थस्थल बाबादेव मंदिर बंद कर दिया गया है। यहां भक्तों की आवाजाही बंद करा दी
गई है। सिर्फ मंदिर के सेवक ही अभी यहां हैं। सालभर बाबादेव मंदिर में समाज के लोगों की भीड़ रहती है। हर दिन औसतन 3 से 4 हजार लोग यहां पहुंचते हैं। मंदिर का संचालन अभी प्रशासन के हाथ में है।
मंदिर से जुड़े लोगों का कहना है, संभवत: पहली बार
मंदिर इस तरह से बंद हुआ है। लॉकडाउन के कारण यहां सन्नाटा पसरा हुआ है। आसपास
की सभी दुकानें भी बंद हो गई। यहां सेवा का काम नियमित
चलता रहेगा, लेकिन भीड़ जमा नहीं होगी। एसडीएम
अभयसिंह खराड़ी और तहसीलदार रवींद्रसिंह चौहान ने बताया, यहां जाने वाले रास्ते पर बैरिकेड्स लगाए गए हैं।
कल तक गुजरात से आना आसान था, अब नहीं रहा
गुजरात और प्रदेश में लॉकडाउन का असर सोमवार को इतना नहीं दिखा, लेकिन मंगलवार सुबह से माहौल बहुत अलग हो गया। हाईवे पर लोगों को रोका जाने लगा और शहरों में इंट्री सीमित कर दी गई। जिला कोर्ट में अपर लोक अभियोजक सत्यम भट्ट सोमवार शाम गुजरात के भरूच में अपनी भतीजी को लेने कार से गए। लौटकर उन्होंने बताया, जाते समय रास्ते में कहीं भी किसी ने नहीं रोका, लेकिन मंगलवार सुबह जब लौटे तो रास्तेभर रोकटोक चली। बड़ौदा में पुलिस ने आगे जाने से देने से इंकार कर दिया। गुजरात के लोगों को लौटा दिया गया।
आदिवासी तीर्थ बाबादेव मंदिर में सिर्फ सेवक हैं, दर्शनार्थी नहीं।
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source https://www.bhaskar.com/mp/jhabua/news/mp-news-tribal-shrine-babadev-temple-closed-for-the-first-time-073043-6908438.html
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