Monday, March 2, 2020

कलेक्टर का आदेश बेअसर, लाखों का किराया बाकी, अस्पताल की दुकानों से नहीं हुई वसूली


जनप्रतिनिधियों, और अधिकारियों की उदासीनता से अस्पताल में सुविधाएं भी मुहैया नहीं हो पा रही है

कलेक्टर उमाशंकर भार्गव ने रोगी कल्याण समिति के द्वारा निर्मित दुकानों के किराया वसूली के लिए करीब 6 माह पहले तत्कालीन एसडीएम को सख्त निर्देश दिए थे कि किराया दिसंबर माह तक जमा कराया जाए, नहीं तो दुकानें खाली कराकर उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। दुकानदारों सूचित करने के बादवजूद आज तक कई दुकानदारों ने बकाया किराए की राशि जमा नहीं की है, जिससे कलेक्टर का आदेश बेअसर साबित हो रहा है।

एक ओर जहां सिविल अस्पताल का दर्जा प्राप्त बेगमगंज अस्पताल में सुविधाओं का आभाव बना हुआ है। वहीं जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों की उदासीनता के कारण अस्पताल में सुविधाएं भी मुहैया नहीं हो पा रही है। नियमानुसार सिविल अस्पताल में जो सुविधाएं मिलनी चाहिए वह सिर्फ शून्य के बराबर है। जो कि न तो जिला अधिकारी इस ओर कभी ध्यान देते है और न ही स्थानीय स्तर पर अधिकारी मांग करते है कि अस्पताल को सुविधाएं उपलब्ध हो सके। सिविल अस्पताल देखा जाए तो भगवान के भरोसे चल रहा है।

सिविल अस्पताल की रोगी कल्याण समिति के द्वारा आर्थिक आय बढाने और सुविधाओं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से परिसर प्रांगण में दुकानों का निर्माण कई वर्षों पूर्व कराया गया था। ताकि उन दुकानों से किराए के माध्यम से होने वाली आय को अस्पताल की व्यवस्थाओं पर खर्च कर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। लेकिन सिर्फ वह भी दिखावा साबित होकर रह गया। किसी भी जिम्मेदार के द्वारा ध्यान नहीं देने से कई वर्षों से दुकानों का किराया भी वसूल नहीं किया गया।

अस्पताल परिसर में है 64 दुकानें, 24 लाख किराया बाकी : सिविल अस्पताल परिसर में रोगी कल्याण समिति के द्वारा 64 दुकानों का निर्माण 2005 और 2009 में किया गया था, जिनकी नीलामी कर मात्र 800 रुपए महीने का किराया निश्चित कर दुकानदारों को उपलब्ध कराई थी। जिनमें मात्र कुछ दुकानदारों को छोड़कर अधिकतर दुकानों से आठ से दस वर्षाें से अधिक समय बीत जाने के बाद भी किराया वसूली नहीं हो सकी। जो करीब करीब 24 लाख रुपए किराया राशि बाकी बताई जा रही है।

कलेक्टर को दे चुके है आवेदन : अस्पताल परिसर की दुकानों का किराया वसूली को लेकर कई बार अधिकारियों व कर्मचारियों के द्वार एसडीएम व कलेक्टर को लिखित में आवेदन दे चुके है। विगत पिछले साल 24 अप्रैल 2019 को कलेक्टर के नाम आवेदन दिया गया। कलेक्टर उमाशंकर भार्गव ने दिसंबर माह तक की चेतावनी तत्कालीन एसडीएम के द्वारा दी थी, लेकिन राजनैतिक पहुंच वाले किरायदारों ने कलेक्टर के निर्देश और एसडीएम के आदेश को हवा में उड़ा दिया।

जल्द बैठक की जाएगी


- डाॅ. विजयलक्ष्मी नागवंशी, बीएमओ बेगमगंज

दिए हैं नोटिस


संजय उपाध्याय, एसडीएम बेगमगंज

सूचित करने के बाद भी आज तक कई दुकानदारों ने बकाया किराए की राशि नहीं की जमा

सुविधाएं हो सकती हैं उपलब्ध

रोगी कल्याण समिति के द्वारा बनाई गई 64 दुकानों का यदि किराया वसूल हो जाता है तो अस्पताल परिसर में कई सुविधाएं उपलब्ध की जा सकती है। भवन में बिस्तर, सोनोग्राफी, टेक्नीकल आदि सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती है। वहीं रोगी कल्याण समिति की बैठक भी करीब डेढ़ वर्ष से नहीं हुई है, जबकि पिछली बैठक में भी प्रस्ताव रखे गए थे।

सिविल अस्पताल की दुकानों का नहीं मिल रहा किराया, अब दुकानदारों को खाली करने के जारी हुए नोटिस।



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Begumganj News - mp news collector39s order ineffective rent of millions left no recovery from hospital shops


source https://www.bhaskar.com/mp/raisen/news/mp-news-collector39s-order-ineffective-rent-of-millions-left-no-recovery-from-hospital-shops-064027-6762539.html

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