बाबा साहब का जीवन संघर्षमय निकला। इतना बड़ा लिखित संविधान उनकी देन है ही साथ ही उनके प्रयास से समाज मे एकरूपता लाने के लिए जो प्रयास किए उनमें काफी हद तक सफलता मिली। उस समय की परिस्थितियों को देखते हुए कठिन कार्य था । उन्होंने समाज को टूटने से बचाने के लिए पूरा जीवन न्यौछावर कर दिया। यह बात स्काउट गाइड की कैप्टन व एकीकृत शासकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय की शिक्षिका ललिता कदम ने कही। नगर के अयोध्या बस्ती में डॉ. भीमराव आम्बेडकर महा परिनिर्वाण दिवस पर हुए कार्यक्रम में स्काउट गाइड के शिवनारायण, ओपन ग्रुप के हर्षित कदम व शिक्षिका रश्मि रावत ने कोविड-19 से बचाव के लिए पत्रक बांटे और इस महामारी से बचने के उपाय बताए। नगर में कदम द्वारा बनाए मास्क भी बांटे गए। कार्यक्रम के पूर्व डॉ. साहब की तस्वीर पर माल्यापर्ण किया। अयोध्या बस्ती की गंगाबाई, बसंती बाई, कन्हैयालाल, दशरथ श्रीपाल, मधु सहित स्काउट गाइड के विद्यार्थी मौजूद थे।
पिपलौदा : कमजोर वर्ग के लोग संविधान के कारण सम्मान से जीवनयापन कर रहे
पिपलौदा | बाबासाहेब आंबेडकर ने देश के कमजोर वर्ग को देश की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए संविधान में उन्हें अधिकार िदए। यह बात डॉ. भीमराव आंबेडकर का महापरिनिर्वाण दिवस पर वक्ताओं ने कही। राज्य कर्मचारी संघ के तहसील अध्यक्ष पूनम चंद बोस, अजाक्स के तहसील अध्यक्ष अंबाराम बोस, झूजार बोस, वेणीराम परमार, कन्हैयालाल श्रीमाल, राधाकिशन परिहार, कालूलाल मिस्त्री, प्रकाश यादव, बाबूलाल बोस, गोवर्धनलाल बोस, रवींद्र बोस, अमरुलाल सोलंकी, सुनील बोस मौजूद थे।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/ratlam/news/baba-saheb-sacrificed-his-life-for-the-society-127988014.html
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