जिले की बेटियाें काे उच्च शिक्षा के लिए शहर की बायपास राेड पर 9.80 कराेड़ रुपए की लागत से स्वीकृत शासकीय आदर्श कन्या महाविद्यालय की निर्माणाधीन बिल्डिंग पूरी बनने से पहले ही इसकी दीवारों में दरारें आ गई हैं।
पीआईयू के इंजीनियरों का कहना है कि दरारें पड़ने की वजह अमराल नदी के आसपास चल रही पत्थर की खदानाें में ब्लास्टिंग है। उन्हाेंने ब्लास्टिंग से बिल्डिंग काे खतरा बताते हुए इस संबंध में कलेक्टर काे पत्र भी लिखा है।
बता दें कि काॅलेज इस बिल्डिंग का करीब दाे साल से रुका हुआ काम अब पटरी पर आने वाला है। उच्च शिक्षा विभाग ने पीआईयू काे 50 लाख रुपए की राशि जारी कर दी है। अगले दाे दिन में माैके पर बकाया काम शुरू कराने की तैयारी में निर्माण एजेंसी जुट गई है लेकिन बिल्डिंग का काम पूरा हाेने से पहले ही इसकी दीवाराें में 7 जगह दरारें पड़ गई हैं।
बिल्डिंग का काम 6 जुलाई 2018 तक पूरा हाेना था लेकिन समय सीमा खत्म हाेने के 29 महीने बाद भी 20 फीसदी निर्माण बकाया है। उच्च शिक्षा विभाग से टेंडर प्रक्रिया के दाैरान हुई चूक के कारण लाेक निर्माण विभाग की पीआईयू शाखा ने दाे साल से निर्माण कार्य बंद कर रखा है। लीड काॅलेज प्रबंधन की कोशिशों की बदौलत राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा मिशन ने 50 लाख रुपए की राशि आवंटित कर दी है।
इससे काॅलेज बिल्डिंग के निर्माण में बना गतिरोध दूर हाे गया है लेकिन फिलहाल मॉडल गर्ल्स कॉलेज की स्थापना के बाद लगातार तीसरे शैक्षणिक सत्र में बीए, बीएससी बायो, बीएससी मैथ और बीकॉम में अध्ययनरत 400 छात्राओं काे पढ़ाने की व्यवस्था यथावत पीजी काॅलेज के वैकल्पिक भवन में चलेगी।
अधूरी बिल्डिंग की दीवाराें में सात जगह बड़ी दरारें
बायपास राेड पर निर्माणाधीन माॅडल गर्ल्स काॅलेज भवन का काम अभी 20 फीसदी बकाया है लेकिन यह भवन बनने से पहले ही इसकी दीवाराें में वर्तमान में 7 जगह बड़ी दरारें पड़ गई हैं। इन दरारों से भवन काे संभावित खतरे ने लीड काॅलेज प्रबंधन की चिंता बढ़ा दी है। वहीं निर्माण एजेंसी लाेक निर्माण विभाग की पीआईयू शाखा ने दरार की वजह अमराल नदी के आसपास चल रही खदानाें में पत्थर ताेड़ने के लिए की जा रही ब्लास्टिंग बताई है। इस संबंध में पीआईयू के इंजीनियरों ने कलेक्टर काे पत्र लिखकर काॅलेज बिल्डिंग की सुरक्षा के लिहाज से ब्लास्टिंग पर राेक लगाने की जरूरत बताई है।
पीआईयू को 50 लाख रुपए जारी, दाे दिन में शुरू हाेगा काम
^टेंडर प्रक्रिया में उच्च शिक्षा विभाग से हुई चूक के कारण माॅडल काॅलेज भवन निर्माण में बना गतिरोध दूर हाे गया है। पीआईयू काे 50 लाख रुपए की राशि जारी कर दी गई है। निर्माण एजेंसी ने खुदाई शुरू करवा दी है। अगले दाे दिन में निर्माण कार्य शुरू हाे जाएगा। निर्माणाधीन बिल्डिंग में आ रही दराराें की समस्या चिंता का विषय है। इस संबंध में इंजीनियरों से बात की ताे उन्होंने दीवार में दरार का कारण ब्लास्टिंग बताई है।
-डॉ. एसडी राठौर, लीड प्राचार्य, शासकीय पीजी कॉलेज श्योपुर
खदानों में ब्लास्टिंग की धमक से आई भवन में दरारें
अमराल नदी किनारे खदानाें में पत्थर ताेड़ने के लिए हाेने वाली ब्लास्टिंग की धमक से बिल्डिंग थर्रा जाती है। 500 मीटर के दायरे में हाेने वाली ब्लास्टिंग के कारण स्कूल भवन की दीवाराें में दरारें आ गई है। इस संबंध में हमने कलेक्टर काे पत्र लिखकर खदानाें में ब्लास्टिंग बंद करवाने का अनुराेध किया है।
-विपिन साेनकर, इंजीनियर, पीअाईयू लाेक निर्माण विभाग श्याेपुर
टेंडर 9.80 कराेड़ रु. में, मंजूर की 8.40 कराेड़
उच्च शिक्षा विभाग द्वारा वर्ष 2016 में जिले में एक साथ तीन नए काॅलेज खाेले थे। इनमें माॅडल गर्ल्स काॅलेज श्याेपुर, ढाेढर व कराहल शामिल हैं। माॅडल गर्ल्स काॅलेज के लिए जिला प्रशासन ने पालिटेक्निक के पास जमीन आवंटन के बाद 7 जनवरी 2017 काे वर्क ऑर्डर जारी किए गए थे लेकिन टेंडर प्रक्रिया में प्रशासकीय स्वीकृति 9.80 लाख रुपए की जारी कर दी, जाे तय रकम से ज्यादा थी जबकि निर्धारित मापदंड के अनुसार 8.40 लाख रुपए से ज्यादा राशि नहीं दी जा सकती थी। बाद में जब उच्च शिक्षा विभाग की आंख खुली ताे टेंडर रिवाइज कर दिया। इससे नाराज पीआईयू ने जनवरी 2018 तक 80 फीसदी निर्माण के बाद आगे काम नहीं कराया।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/gwalior/sheopur/news/980-cracks-in-the-walls-of-the-college-building-being-built-from-karad-the-impact-of-the-explosion-in-the-engineer-belle-mines-127984947.html
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