कोरोना से बचाने के लिए बातें तो बहुत हो रही है, लेकिन ऐसे कार्यालय जहां लोगों की ज्यादा आवाजाही होती है वहां लोगों को सैनेटाइज करने की क्या व्यवस्था है, इसकी जानकारी भास्कर टीम ने 4 अलग-अलग विभागों में जाकर ली।
नगर पालिका परिषद में शहर के अधिकांश लोगों की आवाजाही होती है। नपा के अधिकारी एक माह पहले कार्यालय परिसर में 4 सेंसर युक्त सैनेटाइजर मशीन लगाने का दावा कर रहे हैं। सेंसर लगी मशीन के नीचे हाथ ले जाते ही हाथों में सैनेटाइजर आ जाता है, लेकिन सूत्र बताते है कि लगाने के बाद 4 में से 2 मशीन चली ही नहीं जिन्हें रिप्लेस करवाना पड़ा। वर्तमान में नपा कार्यालय में दो मशीन लगी हुई है। उसमें से भी एक ही मशीन जो श्रम शाखा के बाहर लगी है वह ही चालू नजर आई। यह मशीन भी कभी चलती है, कभी रुक जाती है।
सीएमओ कक्ष के बाहर कुछ दिनों पहले बंद पड़ी थी, शुक्रवार को वह भी दिखाई नहीं दी। एक अन्य मशीन जो उपाध्यक्ष कक्ष के सामने की ओर लगी है वह बंद है। लोग हाथों को सैनेटाइज करने के लिए मशीन के नीचे हाथ ले जाते थे, लेकिन उसमें से सैनेटाइजर नहीं निकल रहा था।कृषि विभाग कार्यालय में भी किसानों की काफी आवाजाही होती है। पुरानी कृषि उपज मंडी के सामने स्थित इस विभाग में कोई कर्मचारी लोगों के हाथों को सैनेटाइज करता नजर नहीं आया, हालांकि यहां के अधिकारी दावा कर रहे थे कि हमारे यहां एक कर्मचारी बैठकर आने वाले लोगों को सैनेटाइज करता है।जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जिले के शिक्षकों के अलावा स्कूल संचालकों, अभिभावकों व अन्य लोगों का आना-जाना लगा रहता है, लेकिन यहां भी लोगों को सैनेटाइज करने की कोई व्यवस्था नजर नहीं आई। कर्मचारियों के पास जरूर सैनेटाइजर रखे हुए थे।
कर्मचारी उनके पास जाने वाले लोगों को सैनेटाइजर हाथों में देकर उन्हें सैनेटाइज करवा रहे है, लेकिन कार्यालय के बाहर ऐसी कोई व्यवस्था दिखाई नहीं दी। जिला पंचायत के वरिष्ठ अधिकारियों से मिलने वाले लोगों को कर्मचारी जरूर सैनेटाइज कर देते है, लेकिन दूसरे कर्मचारियों से मिलने वाले लोगों को सैनेटाइज करने की यहां भी व्यवस्था नहीं दिखी, जबकि ये सभी ऐसे विभाग हैं जहां लोगों का काफी संख्या में आना-जाना रहता है। यहां शहर व ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा अन्य जिलों के लोग भी आते हैं। जिला पंचायत के पास स्थित जनपद कार्यालय में कर्मचारी हाथ में सैनेटाइजर लेकर बैठा रहता है जो आने-वाले लोगों को सैनेटाइज करता है।
सीएमओ का दावा 4 लगवाई थी, एक रिप्लेस की है
मामले में जब सीएमओ सीएस जाट से बात की गई तो उनका कहना था कि नपा कार्यालय में 4 मशीन लगवाई थी। एक मशीन ठीक से काम नहीं कर रही थी तो उसे रिप्लेस किया गया है। जब सीएमओ को बताया गया कि नपा में दो मशीन ही नजर आ रही है। उसमें से एक ही मशीन चल रही है तो सीएमओ अपनी बात पर जोर देते हुए कहते रहे तीन मशीन लगी हैं, एक ही रिप्लेस कराई है। उनमें से दो चालू है।
जिला पंचायत सीईओ अंजली जोसेफ का कहना है कि कार्यालय में सेंसर वाली सैनेटाइजर मशीन लगा रखी है। साथ ही चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को सैनेटाइजर देकर बैठाया जाता है ताकि वह आने वाले लोगों को सैनेटाइज करें। संयोग से जब अापकी टीम आई होगी तब कर्मचारी वहां नहीं होगा। हमारे यहां सैनेटाइजर की तीन महीने पहले से व्यवस्था है। प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी केके अग्रवाल कहते है कि सैनेटाइजर मशीन तो कार्यालय में नहीं लगा रखी है, लेकिन हाथों को सैनेटाइज करने के लिए हम सैनेटाइजर लाए थे। कार्यालय को नपा से सैनेटाइज करवा लेते हैं।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
source https://www.bhaskar.com/local/mp/ujjain/shajapur/news/napa-had-installed-4-sanitizer-machines-with-sensors-two-on-the-spot-one-of-them-was-also-closed-127525013.html
No comments:
Post a Comment