कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या से जिले में चिंता बढ़ गई है। इसी कारण शहरी क्षेत्र में टोटल लॉकडाउन अब 6 व 7 जुलाई को रखने का निर्णय लिया गया है। दूसरी तरफ स्वास्थ्य विभाग किल कोरोना को लेकर मनगढ़ंत आंकड़े पेश कर रहा है। इसी कारण 24 घंटे में हुई दोनों बैठकों में कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। किल कोरोना अभियान के तहत पिछले पांच दिन में 1.65 लाख घरों की जांच होनी थी पर हुई सिर्फ 45 हजार के आसपास है।
हालात बेकाबू न हों इसलिए रविवार को हुई बैठक के बाद सारे इंसीडेंट कमांडर अपने-अपने क्षेत्र में पहुंचे और सर्वे दलों की बैठक की। सोमवार से सर्वे का काम स्वास्थ्य की टीम राजस्व विभाग की देखरेख में करेगी। मुख्यमंत्री की देखरेख में चल रहे किल कोरोना अभियान के फ्लॉप होने के बाद कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने शनिवार शाम मैराथन बैठक की। इसमें मॉनिटरिंग न होने पर गलत आंकड़ों पर स्वास्थ्य विभाग के अफसर निशाने पर रहे। रविवार को भी कलेक्टोरेट में बैठक में हुई। इसमें सर्वे के दौरान टेस्ट हुए मरीजों की संख्या देख कलेक्टर फिर भड़क गए। उन्होंने कहा कि जिस सज्जन ने यह आंकड़े भरे हैं वे खड़े होकर मुझे बताएं कि सैंपल कहां हुए हैं? लेकिन संबंधित व्यक्ति कुछ नहीं बता सका।
कहीं एक तो कहीं दो मरीज ही मिले
लश्कर एसडीएम सीबी प्रसाद ने कहा उनके क्षेत्र में 1225 घरों का सर्वे हुआ और बुखार का एक मरीज मिला। तहसीलदार आरएन खरे ने कहा कि 401 घरों के सर्वे में बुखार के दो मरीज मिले। अब राजस्व टीम खुद की सर्वे कराएगी।
बिना मास्क मिले तो करनी होगी कोरोना ड्यूटी
बाजार या किसी अन्य स्थान पर सोशल डिस्टेंस का पालन न करने, मास्क न लगाने पर अब संबंधित व्यक्ति को क्षेत्र के इंसीडेंट कमांडेंट के साथ तीन दिन तक कोरोना ड्यूटी करनी होगी। कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के मुताबिक ऐसे लोगों से जुर्माना तो वसूला ही जाएगा साथ में उन्हें चेक पोस्ट या फिर कोरोना नियंत्रण के लिए काम करना होगा। ऐसा न करने पर धारा-188 के तहत प्रकरण दर्ज होगा।
331 टीम को राेज 100 घरों का करना था सर्वे
सर्वे के लिए बनी 331 टीम को रोज 100 घरों में किल कोरोना का सर्वे करना था। इस हिसाब से पांच दिनों में 1.65 लाख घरों की जांच होनी थी। कलेक्टर के मुताबिक रविवार तक 45 हजार घरों की जांच हुई है। इस दौरान 700 मरीज बुखार के मिले हैं।
इस बार स्कूल और हॉस्टल में रहेंगे मरीज
अपर कलेक्टर रिंकेश वैश्य ने कहा कि बाहर से आने वाले लोगों के लिए फिर से क्वारेंटाइन सेंटर बनाए जा रहे हैं। चूंकि अब होटल खुल चुके हैं, इसी कारण हॉस्टल और स्कूल में 3000 बिस्तरों की व्यवस्था की जाएगी। पहले 18 सेंटर बनाए गए थे।
अभियान में 16 हजार लोगों की कराएं जांच: कलेक्टर
किल कोरोना अभियान के तहत जिले की आबादी के हिसाब से 16 हजार लोगों की जांच कराने के प्रयास करें। यह बात कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने इंसीडेंट कमांडरों की ट्रेनिंग के दौरान कही। उन्होंने कहा डेंगू, मलेरिया, सर्दी, जुकाम, बुखार व खाँसी पीड़ित लोगों की सूची तैयार कर इनकी जांच फीवर क्लीनिक में कराई जाए। इंदौर, भोपाल या फिर दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों को क्वारेंटाइन जरूर करें।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/gwalior/news/survey-of-45-thousand-homes-instead-of-165-lakhs-in-five-days-127482791.html
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