इलाज के पैसे वसूलने के लिए बुजुर्ग मरीज के हाथ पैर रस्सी से बांधकर उसे बंधक बनाने के आरोप में शाजापुर के सिटी हॉस्पिटल पर पुलिस व प्रशासन ने कार्रवाई कर दी। अस्पताल प्रबंधक नीतेश शर्मा के खिलाफ पुलिस ने आपराधिक केस दर्ज कर लिया। तैयारी से पहुंचे प्रशासनिक अफसरों ने अस्पताल भी सील कर दिया।
1 जून से इलाज करा रहे लक्ष्मीनारायण निवासी रनारा जिला राजगढ़ की बेटी टीना दांगी ने हंगामा करते हुए प्रबंधन पर अपने बीमार पिता को बंधक बनाने का आरोप लगाया। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ा और प्रबंधन ने आधी रात को बुजुर्ग की छुट्टी दे दी। इधर, अगले दिन 6 जून को लेकर सीाएम शिवराजसिंह चौहान ने ट्वीट करते हुए अस्पताल प्रबंधन पर कड़ी कार्रवाई करने की बात कही। ऐसे में प्रशासन ने ताबड़तोड़ टीम गठित कर जांच शुरू करा दी। 7 जून को टीम पीड़ित मरीज के गांव पहुंचा। पीड़ितों के बयान लेने के बाद प्रतिवेदन थाने पर दे दिया और पुलिस ने अस्पताल प्रबंधक नीतेश शर्मा के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। इधर, सोमवार सुबह अस्पताल पहुंचे प्रशासनिक अमले ने सिटी अस्पताल को सील कर दिया।
बंद कमरे में चर्चा, फिर वार्ड व अस्पताल को सील किया
कार्रवाई करने के लिए सोमवार सुबह करीब 11 बजे एसडीएम एस.एल.सोलंकी, तहसीलदार सत्येंद्र बैरवा व नायब तहसीलदारों की टीम के साथ अस्पताल पहुंचे। कुछ देर बार एडीएम मंजूषा विक्रांत राय भी आ गईं। अधिकारियों ने अस्पताल का अवलोकन किया। किए जाने वाले इलाज की जानकारी देते हुए सुविधाओं की जानकारी ली। इसके बाद बंद कमरे में करीब 15 मिनट तक अस्पताल प्रबंधक व अन्य से चर्चा की। कमरे से बाहर निकलते ही अस्पताल के वार्डों को सील करने का काम शुरू कर दिया।
सीएमएचओ ने हॉस्पिटल का रजिस्ट्रेशन निलंबित किया
इधर मामले में सिटी हॉस्पिटल को जारी लाइसेंस व रजिस्ट्रेशन सीएमएचओ डॉ. पीवी फुलंबीकर ने आगामी आदेश तक निलंबित कर दिया। कलेक्टर दिनेश जैन ने बताया गत दिनों समाचार पत्रों के माध्यम से उक्त मरीज के साथ हुई अमानवीय कृत्य की जानकारी मिली। मामले की जांच कराई। मरीज लक्ष्मीनारायण, उनकी बेटी पुत्री व अन्य गांव वालों के बयान दर्ज करने के लिए शाजापुर से एक मजिस्ट्रेट को राजगढ़ जिले के ग्राम रनारा भेजा। दल द्वारा दिए गए प्रतिवेदन अनुसार पैर बांधने की घटना प्रथम दृष्टया सही पाई गई। इसे देखते हुए सिटी हॉस्पिटल के विरुद्ध कार्रवाई की गई है।
बेटी ने कहा- पिता काे कर्मचारी धक्के मारकर ले गए और पलंग से बांध दिया
सिटी अस्पताल में राजगढ़ जिले के ग्राम रनारा निवासी लक्ष्मीनारायण पिता गुलाब (60) पेट दर्द होने पर 1 जून को इलाज कराने आया। यहां 5 जून तक उसका उपचार करने के बाद भी मरीज की हालत में सुधार नहीं होने पर मरीज की बेटी टीना दांगी ने पिता की छुट्टी कर देने की बात कही। इस पर अस्पताल प्रबंधन ने उससे 11 हजार 270 रुपए का बिल भरने की बात कही। टीना ने कहा पहले ही हम 22 हजार रुपए यहां इलाज पर खर्च कर चुके हैं। अब इतने पैसे हमारे पास नहीं है। टीना ने आरोप लगाया कि इतना कहने पर मौजूद अस्पताल के कर्मचारियों ने बीमार पिता को धक्के देते हुए वार्ड की पलंग पर लेटा दिया और रस्से से उनके हाथ व पैर बांधकर बंधक बना लिया। कहा जब तक रुपए नहीं दोगे, नहीं छोड़ंेगे। टीना ने अस्पताल के बाहर निकलकर हंगामा किया और भीड़ लग गई। शोर शराबा होने पर प्रबंधन ने 5 जून की देररात 1 बजे बुजुर्ग मरीज की छुट्टी कर दी। इस पर टीना अपने पिता को लेकर सरकारी अस्पताल पहुंची। यहां पर्ची कराकर पूरी रात यहां रहने के बाद वापस बगैर उपचार कराए अपने गांव रनारा लौट गई।
(जैसा बुजुर्ग मरीज की बेटी
टीना दांगी ने बताया)
बंधक बनाने की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज
टीआई कोतवाली अजीत तिवारी ने बताया कि प्रशासनिक प्रतिवेदन के आधार पर जुटाए गए पीड़ितों के बयान के आधार पर अस्पताल के प्रबंधक नीतेश शर्मा के खिलाफ धारा 342 यानी बंधक बनाकर रखने के तहत आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है। ज्ञात रहे उक्त धाराओं में 1 साल तक की सजा व 1 हजार रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान है।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/ujjain/shajapur/news/fir-against-city-hospital-manager-on-hostage-to-elderly-patient-hospital-seal-registration-suspended-127390795.html
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