उच्च शिक्षा विभाग और तकनीकी शिक्षा विभाग ने 29 जून से 30 जुलाई तक होने वाली यूजी-पीजी की फाइनल ईयर की परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं।
मानव संसाधन मंत्रालय (एमएचआरडी) और विवि अनुदान आयोग (यूजीसी) की गाइडलाइन को नजरअंदाज कर राज्यपाल के निर्देश पर पूरे भारत में केवल मप्र में ही सबसे पहले कॉलेज की परीक्षा करवाने के लिए टाइम टेबल जारी किया गया था। छात्र संगठन पहले ही परीक्षा का विरोध कर रहे थे। विभाग ने सोमवार देर शाम को परीक्षा स्थगित करने की सूचना जारी की है।
उच्च शिक्षा मप्र शासन के ओएसडी डॉ. धीरेंद्र शुक्ला के अनुसार छात्र हित में उच्च शिक्षा विभाग और तकनीकि शिक्षा विभाग की फाइनल ईयर की परीक्षा स्थगित कर दी गई हैं। परीक्षा और प्रवेश संबंधी निर्देश आगामी समय में जारी किए जाएंगे। टीकमगढ़ जिले में 10 शासकीय और प्राइवेट कॉलेज हैं।
जिले में 20 हजार से अधिक छात्र पढ़ते हैं कॉलेज में
जिले में करीब 20 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं कॉलेज में पढ़ते हैं। इनमें से करीब 20 हजार छात्र-छात्राए यूजी-पीजी के अलग-अलग संकाय के फाइनल ईयर के स्टूडेंट हैं। इस निर्णय से करीब 5 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं को राहत मिली है। क्योंकि कोरोना के डर से छात्र-छात्राएं परीक्षा देने से घबरा रहे थे। इन छात्र-छात्राओं की मांग पर ही एनएसयूआई ने परीक्षाएं निरस्त कर जनरल प्रमोशन देने की मांग उठाई थी।
कॉलेज की परीक्षा स्थगित होने के ये माने जा रहे कारण
- एमएचआरडी के निर्देशों को भूलकर मप्र में परीक्षा का टाइम टेबल घोषित किया गया, जो उचित नहीं है।
- उच्च शिक्षा विभाग के ओएसडी अटल बिहारी बाजपेयी कॉलेज इंदौर के प्रोफेसर की मृत्यु कोरोना संक्रमण से होने तथा भोपाल और इंदौर के प्राध्यापकों के संक्रमित होने के कारण प्राध्यापक संघ ने परीक्षा का विरोध किया।
- एनएसयूआई पहले ही परीक्षा के विरोध में और जनरल प्रमोशन की मांग को लेकर हस्ताक्षर अभियान चला रही थी। सोमवार को भी एनएसयूआई ने बीयू का घेराव किया। अभाविप ने भी स्थिति सामान्य होने पर परीक्षा करवाने का समर्थन किया।
- प्रदेश के कई कॉलेजों में क्वारेंटाइन सेंटर बनाए हैं, परीक्षा के लिए कॉलेजों में सोशल डिस्टेंस से बैठक व्यवस्था करने कक्षाओं की संख्या भी नहीं है।
- सैनिटाइजेशन और पर्यवेक्षक बढ़ने से परीक्षा का खर्च भी बढ़ेगा जिससे परीक्षा करवाने के लिए अतिरिक्त बजट की व्यवस्था करने से आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
आगे ये हो सकता है
दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, उत्तरप्रदेश, गोवा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, राजस्थान राज्यों में आंतरिक मूल्यांकन और पिछली परीक्षाओं के आधार पर रिजल्ट घोषित करने और कुछ राज्यों में प्रथम और द्वितीय वर्ष को प्रमोशन देकर फाइनल ईयर की परीक्षा करवाने का निर्णय लिया है। संभावना है कि मप्र भी परीक्षा और रिजल्ट की ऐसी ही व्यवस्था संबंधी निर्देश जारी करेगा।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/sagar/tikamgarh/news/college-exam-canceled-because-guidelines-were-given-after-forgetting-the-guidelines-127425267.html
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