शराब ठेकों को लेकर दायर याचिकाओं पर हाईकोर्ट में सोमवार को सुनवाई पूरी होने की संभावना है। मंगलवार को राज्य सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल ऑफ इण्डिया तुषार मेहता के बाद बुधवार को ठेकेदारों की ओर से पूर्व सॉलिसिटर जनरल मुकुल रोहतगी ने अपनी दलीलें पूरी कीं। उनका कहना था कि कोरोना वायरस अभी अपने चरम पर भी नहीं पहुँचा है। अकेले दिल्ली शहर में एक दिन में 39 सौ मरीज पॉजिटिव पाए गए। ऐसे में सरकार का वह तर्क कैसे मान लिया जाए कि परिस्थितियाँ अब सामान्य हो चुकी हैं। रोहतगी की दलीलें पूरी होने पर चीफ जस्टिस अजय कुमार मित्तल और जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की युगलपीठ ने शेष दलीलों के लिए अगली सुनवाई सोमवार तक के लिए मुल्तवी कर दी।
‘माय लॉर्ड, पता नहीं हम कब सुनवाई में शामिल हो सकेंगे’
सुनवाई के दौरान श्री रोहतगी ने कहा- मैं आखिरी बार 19 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में हाजिर हुआ था। उसके बाद से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुकदमों में अपना पक्ष रख रहा हूँ। अभी कोई भी यह दावा नहीं कर सकता कि अदालतों में सुनवाई की पुरानी प्रक्रिया कब से शुरू होगी। मैं नहीं कह सकता कि मैं कब से कोर्ट में हाजिर होकर पैरवी करूँगा और माय लॉर्ड आप भी नहीं बता सकते कि आप कब से कोर्ट में आसंदी पर बैठकर सुनवाई करेंगे। कोरोना संकट के दौरान अभी अनिश्चितता का दौर बरकरार है और ऐसे में सरकार का यह दावा समझ से परे है कि स्थितियाँ सामान्य हो गई हैं।’
35 साल पुराने हत्याकाण्ड के आरोपी को मिली जमानत
जबलपुर के कोतवाली थानांतर्गत 35 साल पहले हुए राजू सोनी का अपहरण करने के बाद उसकी हुई हत्या के मामले में कटनी के किस्सू तिवारी को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई है। जस्टिस संजय द्विवेदी की एकलपीठ ने आरोपी की अर्जी मंजूर करते हुए निचली अदालत को कहा है कि कोर्ट में सुनवाई की पुरानी प्रक्रिया शुरू होते ही आरोपी से संबंधित मुकदमे की ट्रायल 6 माह में पूरी की जाए। किस्सू तिवारी पर आरोप है कि 24 मई 1985 की रात को उसने अपने साथियों के साथ मिलकर पहले राजू सोनी का अपहरण किया और फिर उसकी हत्या कर दी। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि आरोपी को 12 सितंबर 1986 को जमानत मिल गई थी और वर्ष 1992 तक वह पेशियों पर लगातार हाजिर भी हुआ। इसके बाद दूसरे मामले में हुई गिरफ्तारी के बाद पेशी पर हाजिर न होने पर उसे फरार घोषित कर दिया गया। इस पर राजू सोनी की हत्या के मामले में अग्रिम जमानत का लाभ पाने यह अर्जी दायर की गई थी। आरोपी की ओर से अधिवक्ता मंजीत पीएस चक्कल और शिवकुमार श्रीवास्तव ने पैरवी की।
शहरी प्रशासन विभाग के पूर्व डायरेक्टर को अवमानना का नोटिस
एक अवमानना मामले पर सुनवाई करते हुए सीजे की अध्यक्षता वाली बैंच ने शहरी प्रशासन विभाग के पूर्व डायरेक्टर पी नरहरि को नोटिस जारी कर अगली सुनवाई 20 जुलाई को निर्धारित की है। लखनादौन निवासी नीलेश स्थापक की ओर से दायर इस याचिका में आरोप है कि नगर परिषद द्वारा नियमों के विरुद्ध जाकर पशु बाजार के संचालन को लेकर जारी किए गए प्रस्ताव से परिषद को करीब दस लाख रुपए की हानि हुई थी। इस बारे में दायर जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने 4 फरवरी 2019 को नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के डायरेक्टर को आवेदन पर उचित आदेश पारित करने कहा था। उक्त आदेश का पालन न होने पर यह अवमानना याचिका दायर की गई थी। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता दीपक पंजवानी पैरवी कर रहे हैं। पी-4
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/jabalpur/news/hearing-on-liquor-contracts-cases-can-be-completed-on-monday-127445118.html
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