वनाधिकार अधिनियम 2005-06 के तहत वनभूमि पर काबिज आदिवासियों को पट्टे वितरण के लिए प्रक्रिया चल रही है। करीब छह हजार पट्टे पूर्व में बांटे जा चुके हैं। वहीं नेपानगर अनुविभाग में छह हजार दावों पर लगातार काम चल रहा है। टीमें मौके पर पहुंचकर भौतिक सत्यापन का कर रहीं हैं। लेकिन इसी बीच डवालीखुर्द में कुछ आदिवासी विरोध करने पहुंच गए।वे पंचायत भवन के सामने करीब 20 बाय 40 फीट का टेंट लगाकर बैठ गए। उनका कहना था पात्र लोगों को अपात्र किया जा रहा है।
यहां आदिवासी आंदोलन की तैयारी में थे, लेकिन इसकी जानकारी जैसे ही एसडीएम विशा माधवानी को लगी, उन्होंने तहसीलदार सुंदरलाल ठाकुर को मौके पर भेजा। साथ ही नेपानगर थाना प्रभारी पीके मुवेल भी टीम के साथ पहुंचे। आदिवासियों ने उनसे कहा हमारे दावे अपात्र किए जा रहे हैं। पात्र को अपात्र बताया जा रहा है। तहसीलदार ने कहा जो वास्तविक हकदार होगा और वन भूमि पर नियम के अनुसार काबिज होगा, उसे ही अधिकार मिलेगा। किसी भी व्यक्ति के साथ गलत नहीं होगा। काफी समझाइश के बाद भी आदिवासी यहां से हटने का तैयार नहीं थे। तब तहसीलदार ने चेतावनी दी कि यहां से टेंट नहीं हटाया गया तो धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद धीरे-धीरे आदिवासी वहां से जाने लगे। इसी बीच कुछ लोगों ने दोबारा यहां आदिवासियों को बरगलाने का प्रयास किया। तहसीलदार और पुलिस ने उन्हें भी कार्रवाई की चेतावनी दी।
करीब 100 महिला-पुरुष जमा हुए, सोशल डिस्टेंस की हिदायत दी
डवालीखुर्द में गुरुवार दोपहर करीब 100 से अधिक आदिवासी महिला-पुरुष जमा हो गए। इस दौरान उनके द्वारा सोशल डिस्टेंस का भी ध्यान नहीं रखा गया। तहसीलदार और पुलिस के पहुंचने के बाद सभी को सोशल डिस्टेंस से खड़े रहने की ताकीद की गई। सुबह से ही यहां टेंट लगाकर आंदोलन करने की तैयारी की जा रही थी। अफसरों द्वारा बाद में टेंट निकलवाया गया।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
source https://www.bhaskar.com/local/mp/khandwa/nepanagar/news/adivasis-sitting-in-front-of-panchayat-in-dawalikhurd-said-ineligible-to-make-characters-too-127472938.html
No comments:
Post a Comment