38 साल बाद शुक्रवार काे जुलाई में अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री पर पहुंच गया। यह सामान्य से 6.1 डिग्री अधिक रहा। इस कारण शहर में लू जैसे हालात रहे। इससे पहले 6 जुलाई 1982 को अधिकतम तापमान 44 डिग्री रिकॉर्ड हुआ था। शुक्रवार को ग्वालियर प्रदेश में सबसे गर्म रहा। हालांकि शाम को बादल छा गए लेकिन नमी कम होने के कारण बारिश नहीं हुई।
मौसम विभाग का दावा है कि ट्रफ लाइन अंचल से होकर गुजर रही है। साथ ही बंगाल की खाड़ी और अरब सागर दोनों ब्रांच में मानसून सिस्टम सक्रिय है। इससे शनिवार को हल्की तो रविवार से मध्यम दर्जे की बारिश ग्वालियर सहित अंचल में होगी, जिससे गर्मी से राहत मिल जाएगी।
मानसून सीजन में अब तक 30.7 मिमी कम बारिश
मानसून सीजन में अब तक का औसत बारिश का कोटा (85.9 मिमी) पूरा नहीं हो सका है। अभी तक 55.2 मिमी बारिश हुई है, जो 30.7 मिमी कम है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 1.8 डिग्री बढ़त के साथ 43.2 डिग्री दर्ज किया गया। यह सामान्य से 6.1 डिग्री अधिक रहा। जबकि न्यूनतम तापमान 1.3 डिग्री बढ़त के साथ 30.9 डिग्री दर्ज किया गया। यह सामान्य से 3.5 डिग्री अधिक रहा।
आगे क्या... कल से तीन दिन तेज बारिश के आसार
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक वेद प्रकाश सिंह का कहना है कि मानसून ट्रफ लाइन फिर से शिवपुरी से होकर गुजर रही है। साथ ही वाराणसी के ऊपर चक्रवाती घेरा बनने से दूसरी ट्रफ लाइन पूर्वी मप्र के ऊपर से गुजर रही है। पश्चिमी अरब सागर और दक्षिणी गुजरात के ऊपर चक्रवाती घेरा बना हुआ है। बंगाल की खाड़ी में मानसून सिस्टम सक्रिय हो चुका है। इस कारण शनिवार को हल्की बारिश और रविवार से मंगलवार तक मध्यम दर्जे की बारिश की संभावना है।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/gwalior/news/mercury-at-4320-in-july-127475841.html
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