लाेकल सिस्टम से 24 घंटे में बूंदाबांदी की उम्मीद
एक सप्ताह से अच्छी बारिश की बाट जाेह रहे ग्वालियरवासियाें काे दाे और इंतजार करना पड़ेगा। माैसम के जानकाराें का मानना है कि अगले दाे-तीन दिन में उड़ीसा की तरफ कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। वहां से झारखंड और छत्तीसगढ़ की तरफ से बादल मप्र में प्रवेश करेंगे। इसी तरह बंगाल की खाड़ी में सिस्टम बन चुका, जो सक्रिय हो रहा है। इससे ग्वालियर-चंबल संभाग में एक-दो दिन में अच्छी हो सकती है। हालांकि अभी ग्वालियर के आसपास बादल हैं, जो नमी बढ़ने पर अगले 24 घंटे में हल्की बारिश कर सकते हैं। शनिवार को लगातार दूसरे ग्वालियर प्रदेश में सबसे गर्म रहा। अधिकतम तापमान 3.7 डिग्री गिरकर 39.5 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.4 डिग्री ज्यादा रहा। शाम पांच बजे तक पूर्व की और से आ रहीं ठंडी हवाओं ने भी तापमान में 4.1 डिग्री की कमी की। जबकि न्यूनतम तापमान 30.9 डिग्री से गिरकर 28.6 डिग्री दर्ज किया गया। जुलाई में बारिश में पिछड़े, हाेना चाहिए थी 89.8 मिली बारिशजून की तरह ग्वालियर जुलाई में भी बारिश में पिछड़ गया है। कोटे के हिसाब से 4 जुलाई तक 89.8 एमएम बारिश होना चाहिए थी लेकिन बादलों के यहां न ठहरने के कारण बारिश नहीं हो पाई है। पूरे जुलाई महीने में ग्वालियर में 252.9 एमएम बारिश होने का रिकाॅर्ड है।
पूर्वी हवा चलने से मानसून आने के संकेत
मौसम वैज्ञानिक चंद्रकांत उपाध्याय का कहना है कि अब पूर्व की तरफ से हवा आ रही हैं। यह बारिश आने का संकेत हैं। ग्वालियर में भले ही बारिश नहीं हो रही है, लेकिन अंचल में गुना-शिवपुरी क्षेत्र में बारिश हाे रही है। इटावा और भिंड के आसपास बादल बने हुए हैं, जाे ग्वालियर में बरसात कराएंगे।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/gwalior/news/two-more-days-waiting-for-rain-mercury-dropped-37-degrees-from-cold-air-and-clouds-127479517.html
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