शुक्रवार को कोरोना पॉजिटिव आया रांझी बस्ती का 17 वर्षीय युवक बुधवार को रांझी अस्पताल में बुखार-सर्दी की परेशानी लेकर गया था। ओपीडी में उसे करीब चार फीट दूर से डॉक्टर ने देखा, दवा लिखी और कोरोना सैंपल लिया गया। सैंपल लेने वाला पीपीई किट के साथ अपनी सुरक्षा का इंतजाम िकए था, उसका ब्लड टेस्ट भी हुआ। इसके दो दिन बाद युवक के पाॅजिटिव आने के बाद शनिवार को अस्पताल स्टाफ में अनावश्यक अफरा-तफरी रही, वहीं यहाँ स्टाफ के करीब 25 लोगों का कोरोना सैंपल लिया गया, इसमें डॉक्टर, नर्स व अन्य स्टाफ था। कुछ स्टाफ तो सैंपल लिए जाने के बाद ही 14 दिन क्वारंटीन रहने की बात कर घर चला गया। जानकारों का कहना है कि आवश्यकता नहीं होने के बाद भी इतने सैंपल लिए गए।
यह है नियम| बताया गया कि ऐसी स्थिति में तत्काल टेस्टिंग कराने के बजाय 5 से 7 दिन का इंतजार कर लक्षण आने पर संबंधित स्टाफ का सैंपल टेस्ट होना चाहिए। दूसरी ओर क्वारंटीन के लिए भी गाइडलाइन तय की गई है, जिसमें मरीज के साथ एक मीटर की दूरी पर बगैर मास्क पहने 15 मिनट से अधिक का समय बिताया हो। यह नियम किसी भी सूरत में पूरा नहीं होता, इसके साथ ही कई और बिंदु तय किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए एक फार्मेट दिया है जिसे संबंधित मेडिकल स्टाफ को भरना आवश्यक है। इस फार्म के आधार पर इंफेक्शन कंट्रोल कमेटी यह तय करेगी कि संबंधित कर्मचारी को क्वारंटीन रहना है या नहीं।
यह है भ्रांति | शनिवार को रांझी अस्पताल में सैंपल के बाद ही एक डॉक्टर सहित कुछ लोग 14 दिन क्वारंटीन में रहने की बात कर चले गए। इसे भ्रांति कहें या जानकारी का अभाव कि मेडिकल स्टाफ को ही ऐसे मामलों में सैंपलिंग और क्वारंटीन होने के नए नियमों की जानकारी नहीं है। नए नियम के तहत कमेटी द्वारा स्वीकृत किए जाने के बाद अब क्वारंटीन अवधि 7 दिन कर दी गई है। पी-4
टीटीई को सर्दी, स्टाफ में खौफ
भास्कर संवाददाता, जबलपुर| मुंबई एलटीटी-पाटिलीपुत्र कोविड-19 स्पेशल ट्रेन से ड्यूटी कर लौटे टीटीई विवेकानंद भारती को सर्दी-खाँसी और बुखार की शिकायत की जानकारी मिलने पर टिकट चैकिंग स्टाफ में घबराहट है। बताया जा रहा है िक पीड़ित को रेल अस्पताल ले जाया गया था, जहाँ कोरोना सैम्पल लेने की बजाय दवाएँ देकर उसे घर में आराम करने की सलाह दी गई। इसमें रेलवे अस्पताल की सतर्कता में कमी बरतने की बात की जा रही है। टिकट चैकिंग स्टाफ का कहना है कि जब स्टेशन पर िटकट जाँच कर ही यात्री भेजे जा रहे हैं तो ट्रेन में स्टाफ की क्या जरूरत है। डब्ल्यूसीआरएमएस के महामंत्री सतीश कुमार का कहना है िक यात्रियों के बीच कई घंटों तक टीटीई केवल फेस मास्क और ग्लव्स पहनकर ड्यूटी कर रहे हैं, उन्हें पीपीई किट भी दी जानी चाहिए।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/jabalpur/news/on-wednesday-the-doctor-saw-after-coming-positive-two-days-now-corona-sampling-of-the-entire-hospital-127383561.html
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