खून-पसीना बहाकर किसानों ने इस बार जिलेभर के अनाज भंडार भर दिए, लेकिन किसानों से खरीदे गए गेहूं को सरकारी अफसर संभाल ही नहीं सके। मौसम विशेषज्ञों की चेतावनी के बावजूद 15-20 दिन बाद भी 6 लाख क्विंटल अनाज खुले आसमान के नीचे ही पड़ा रहा और 115 करोड़ 50 लाख रुपए कीमत का गेहूं बुधवार रात से गुरुवार सुबह तक हुई बारिश में भीग गया।
गेहूं को बारिश में भीगने पर प्रशासन ने स्पष्ट रूप से खरीदी सोसायटी को ही दोषी माना है। प्रभारी कलेक्टर मंजूषा विक्रांत राय ने साफ कह दिया कि खरीदी करने वाली संस्था की जिम्मेदारी होती है कि वे अनाज को सुरक्षित रखें। पिछले 15 दिनों में उन्हें तीन से चार बाद पत्र जारी कर केंद्रों पर रखे गेहूं को बारिश से बचाने के लिए निर्देशित भी कर दिया गया। इसके बावजूद बारिश में गेहूं गीले हुए हैं। यदि यह गेहूं खराब होते हैं तो भरपाई संबंधित संस्था प्रबंधकों को ही करना पड़ेगी। हालांकि खरीदी से जुड़े अधिकारियों ने भीगे गेहूं के खराब नहीं होने की बात की है। उनका मानना है कि मौसम खुलते ही धूप और हवा लगने से गेहूं फिर ठीक हो जाएंगे।
दूसरे जिलों के गोदामों में भेजेंगे शाजापुर के गेहूं
जिले के अनाज भंडार भर जाने के बाद प्रशासन ने अन्य जिले में अनाज रखने के लिए जगह मांगी। इस पर प्रदेश स्तर के अधिकारियों ने मंडीदीप, होशंगाबाद, हरदा, खंडवा जिले के भंडारों में शाजापुर के गेहूं पहुंचाने की व्यवस्था जुटाई है। जगह मिलते ही खुले में पड़े अनाज का परिवहन भी शुरू करा दिया गया है। चारों जिले में मिलाकर जिले में खरीदे गए 67 हजार 500 टन गेहूं को रखा जाएगा।
गेहूं खरीदी की 30 मई अंतिम तारीख तय की थी, लेकिन इस दिन शाम 5 बजे तक केंद्रों पर आने वाले सभी किसानों को टोकन जारी कर दिए गए। ऐसे किसानों का माल ही अब तक नहीं तुल सका और बाहर पड़ा गेहूं बारिश में गीला हो गया।
अब तक 3 लाख 94 हजार टन की खरीदी
जिले में गुरुवार शाम तक 55 हजार 621 किसानों से 3 लाख 94 हजार 703 टन खरीदी हो चुकी है। गुरुवार दोपहर तक बारिश होने से इस दिन टोकन वाले किसानों के भी ज्यादा अनाज का तौल नहीं हो सका। दिनभर में सिर्फ 1727 टन तौल हो सका। खरीदी का आंकड़ा 4.20 लाख टन पहुंचने की संभावना है।
इसलिए आई परेशानी
जिलेभर के अनाज भंडार को मिलाकर यहां 3 लाख टन यानी 30 लाख क्विंटल अनाज रखने की क्षमता है। अब तक की खरीदी का आंकड़ा 1 लाख 34 हजार टन (13 लाख क्विंटल) ही था। इस बार बंपर पैदावार होने से आंकड़ा 3 लाख 94 हजार टन पर पहुंच गया। इधर कुल 3 लाख टन भंडारण क्षमता वाले गोदामों में इस बार ठूंस-ठूंसकर गेहूं की बाेरियां जमाई। ऐसा करने से 20 हजार टन गेहूं ज्यादा रख लिए। इसके बाद भी अफसरों के सारे प्रयास नाकाम साबित हुए।
अन्य जिलों में भंडारण के लिए जगह मिल गई है
खरीदी संस्थाओं को पहले ही सूचित कर दिया गया था। बावजूद इसके गेहूं खराब होने पर संबंधित संस्था से ही इसकी भरपाई कराई जाएगी। वैसे अब अन्य जिलों में भंडारण के लिए जगह मिल गई है।
- मंजूषा विक्रांत राय, प्रभारी कलेक्टर शाजापुर
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
source https://www.bhaskar.com/local/mp/ujjain/shajapur/news/115-crore-rupees-wheat-soaked-in-rain-in-the-district-127376475.html
No comments:
Post a Comment