प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में कहा था कि हमें कोरोना संक्रमण को गांव तक पहुंचने से रोकना हाेगा, क्यूंकि गांव पहुंचने के बाद इसे संभालना मुश्किल हाेगा। उसी तर्ज पर प्रशासन ने भी अब शहर के बाद गांव की ओर रुख कर लिया है। शहर के कोरोना संक्रमित मरीजों के स्वस्थ होने और एक भी मरीज नहीं होने पर अब प्रशासन ने गांव की ओर नजर की है, ताकि गांव और शहर दोनों को सुरक्षित किया जा सके।
इसके लिए बाकायदा बुधवार को एसडीएम आरपी वर्मा, तहसीलदार विनोद शर्मा, नायब तहसीलदार सलोनी पटवा ने दो चरणों में बैठक ली। एसडीएम वर्मा ने कहा कि अब आपको गांव की कमान संभालना है। आप गांव के अधिकारी हैं, आपको स्वयं निर्णय लेना है कि किस स्थिति में क्या करना है। इसके लिए जरूरी है कि आप अपने हल्के के प्रत्येक गांव पर नजर रखें। आपको सिर्फ दो काम करना है, पहला कोई भी संदिग्ध मिलता है तो तत्काल स्वास्थ्य विभाग को सूचना दें। दूसरा अन्य प्रदेशों व शहरों से आने वाले ग्रामीणों को होम क्वारेंटाइन करें और उन्हें गांव के अन्य लोगों से संपर्क रोकने के साथ किसी भी स्थिति में शहर नहीं आने दें।
8 कर्मचारी जिन्हें गांव का पहरेदार बनाया
बैठक में एसडीएम ने कहा कि पटवारी सहित 8 लोगों को गांव की जिम्मेदारी दी जा रही है। इसमें पटवारी, एएनएम, आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, पंचायत सचिव, रोजगार सहायक और चौकीदार हैं। इन 8 लोगों को सतत अपने गांव की निगरानी करना है। बाहर से आने वाले प्रत्येक ग्रामीण की जानकारी जुटाना है और उसे होम क्वारेंटाइन करना है।
आईपीएस चौकसे ने भी ली ग्रामीणों की बैठक
मंगलवार को बिरलाग्राम थाना प्रभारी आईपीएस चौकसे ने भी ग्रामीणों की बैठक थाना परिसर में ली। इसमें उन्होंने गांव में आने वाले हर व्यक्ति की जानकारी प्रशासन तक पहुंचाने की बात कही। उन्होंने फेस कवर और सोशल डिस्टेंस का पालन गांव में अनिवार्य रूप से कराने काे कहा।
नागदा-उन्हेल तहसील के 66 हलके में 111 गांव
नागदा-उन्हेल तहसील में 66 हलके हैं। इसमें 111 गांव शामिल हैं। हर गांव में 8 कर्मचारियों की ड्यूटी है। इन्हें प्रत्येक ग्रामीण के स्वास्थ्य का भी सर्वे करना है। इसमें प्रमुख रूप से डायबिटिज, हायपर टेंशन, अस्थमा वाले मरीजों को चिह्नित कर रखना है। इसके अलावा सर्दी, खांसी, बुखार जैसे मरीजों को भी चिह्नित करना है। बता दें कि अभी तक 1500 से अधिक लोग राजस्थान से गांवों में पहुंच चुके हैं और आना अभी भी जारी है। इसके अलावा गुजरात-महाराष्ट्र से भी मजदूरों का आना जारी है। इससे संक्रमण का खतरा गांवों में अधिक होने की संभावना है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
source https://www.bhaskar.com/local/mp/ujjain/nagda/news/8-employees-of-the-administrative-team-will-investigate-because-now-there-is-danger-from-laborers-returning-from-outside-127299600.html
No comments:
Post a Comment