जिले से 15 किलोमीटर दूर स्थित टेमीकलां के ग्रामीणों ने आत्मनिर्भर बनने की ठान ली है। ग्रामीणों ने करीब 3 किलोमीटर का खेत मार्ग जो आदिवासी निशानिया (पालिया) तक है, बनाने में स्वयं ही जुट गए। यह मार्ग 15 साल से खराब है। 800 किसानों को प्रतिदिन आवाजाही में दिक्कतें हो रही थीं। सड़क बनाने के लिए किसानों ने कई बार जनप्रतिनिधियों सहित जनसुनवाई में आवेदन देकर मार्ग बनाने की मांग की, लेकिन मिला तो सिर्फ आश्वासन। परेशान किसनों ने बैठक की और यह निर्णय लिया कि प्रत्येक किसान 200 रुपए एकड़ के हिसाब से मार्ग बनाने के लिए चंदा देगा। इस तरह करीब 70 से 80 हजार रुपए जमा हो गए। इससे 1.5 किलोमीटर का रोड बनाया गया।
8 दिन में बना दिया रोड
किसानों व मजदूरों ने मिलकर 250 ट्रॉली मुरुम व पत्थर डालकर रोड 8 दिन में तैयार कर दिया। सुरेश कुशवाह, रघुनाथ पटेल, राकेश राठौर, मनोज पटेल, मुकेश राठौर, हरनारायण पटेल, मदन पटेल, सुखदेव पटेल, नन्नू राठौर, दिनेश कनाडे एवं अन्य किसानों ने सहयोग किया। किसान मनोज पटेल ने बताया लॉकडाउन में खाली समय में हमने सड़क का कुछ हिस्सा सहयोग से बनाया है। इसके अलावा मलगांव से टेमीकला और एक अन्य मार्ग को भी बनाने की हमने ठान ली है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
source https://www.bhaskar.com/local/mp/khandwa/news/villagers-built-15-km-road-in-8-days-in-lockdown-127313438.html
No comments:
Post a Comment