Sunday, May 17, 2020

131 यज्ञ में 6 अरब शिवलिंग बने, इनमें से 10.5% यानी 63 करोड़ सागर के 12 आयोजनों में बने

गृहस्थ संत पंडित देव प्रभाकर शास्त्री दद्दाजी के सानिध्य में देश भर में कुल 131 पार्थिव शिवलिंग निर्माण एवं रुद्राभिषेक महायज्ञ हुए। जिनमें करीब 6 अरब पार्थिव शिवलिंग निर्माण भक्तों द्वारा बनाए गए। इस प्रकार उन्होंने हर हर महादेव को घर-घर महादेव तक पहुंचाया। सागर जिले में कुल 12 बार दद्दाजी के सानिध्य में पार्थिव शिवलिंग निर्माण एवं रुद्राभिषेक महायज्ञ हुए। इनमें भक्तों ने 63 करोड़ 51 लाख 15 हजार 234 पार्थिव शिवलिंग बनाए गए। जो कि दद्दाजी के सानिध्य में देश भर में हुए कुल पार्थिव शिवलिंग निर्माण का 10.50 प्रतिशत है। यानी दद्दाजी के सानिध्य में देशभर में हुए कुल 131 महायज्ञ में से 9.16% यानी 12 महायज्ञ सागर में हुए, परंतु देश भर में हुए कुल शिवलिंग निर्माण का 10.50 प्रतिशत शिवलिंग निर्माण सागर के भक्तों ने किया। यानी कि देशभर के दद्दा शिष्य मंडल के मुकाबले सागर के श्रद्धालुओं ने ज्यादा उमंग और उत्साह के साथ पार्थिव शिवलिंग निर्माण किए। यहीं पर बामोरा में हुए 104वें महायज्ञ में 38 करोड़ 58 लाख 63 हजार 581 पार्थिव शिवलिंग भक्तों ने बनाये थे। जो कि एक रिकॉर्ड है।दद्दाजी के सानिध्य में सागर में पहली बार सवा करोड़ पार्थिव शिवलिंग निर्माण का आयोजन 5 से 11 फरवरी 1991 को नगर निगम स्टेडियम में हुआ था। तब 2 करोड़ 3 लाख 700 पार्थिव शिवलिंग बने थे। दद्दाजी के सानिध्य में हुआ सागर का पहला तो उनका दूसरा आयोजन था। इसके बाद सागर में दूसरी बार प्रभाकर नगर मकरोनिया में 26 मार्च से 1 अप्रैल 2001 को दूसरी बार आयोजन हुआ। इसमें 2 करोड़ 10 लाख 900 शिवलिंग बने। तीसरा आयोजन दशहरा मैदान शाहपुर में 7 से 13 अक्टूबर 2002 तक हुआ। इसमें 1 करोड़ 69 लाख 81 हजार 700 शिवलिंग बने। चौथी बार 28 अप्रैल से 4 मई 2005 तक चौका सोधनी (गनेशगंज स्टेशन के पास) हुए यज्ञ में 2 करोड़ 85 लाख 18 हजार 300 पार्थिव शिवलिंग बने। पांचवीं बार 5 से 8 मार्च तक द्वारिका विहार तिली में हुए आयोजन में 1 करोड़ 39 लाख 50 हजार 700 पार्थिव शिवलिंग बने थे। छटवां आयोजन 8 से 14 मई तक नपा स्टेडियम गढ़ाकोटा में हुआ। इसमें 2 करोड़ 28 लाख 13 हजार 80 शिवलिंग बने। सातवां आयोजन 26 मई से 1 जून 2012 तक कृषि उपज मंडी बीना में हुआ। इसमें 2 करोड़ 63 लाख 64 हजार 419 शिवलिंग बने। आठवां आयोजन 4 से 10 जुलाई 2012 तक रुद्राक्ष धाम बामोरा में हुआ। इसमें 2 करोड़ 83 लाख 27 हजार 680 शिवलिंग बने। 9वां आयोजन से 17 से 23 जून 2013 तक केसी शर्मा स्कूल खुरई में हुआ।

देश में कहीं भी यज्ञ हो, दद्दा शिष्य मंडल सागर के कार सेवक संभालते थे भोजनशाला, गोली निर्माण और वितरण की जिम्मेदारी
दद्दा शिष्य मंडल कार सेवक सागर का गठन दद्दाजी के आदेश पर हुआ था। एवं देश भर में जहां भी यज्ञ होते थे वहां कार सेवक दद्दा शिष्य मंडल जिला सागर के 200 से अधिक कार सेवकों की टीम भोजन शाला, गोली निर्माण एवं वितरण का काम करती थी। देश भर में जहां भी यज्ञ होते थे वहां शाहपुर निवासी उत्तम ठाकुर यज्ञ शाला का निर्माण अपनी टीम से करवाते थे। यज्ञों में सागर से सुरेन्द्र सुहाने एवं डॉ. सुखदेव मिश्रा मंच व्यवस्था को देखते थे। वीरेन्द्र गौर मीडिया विभाग की जिम्मेदारी निभाते थे।

पहला सवा करोड़ शिवलिंग निर्माण का आयोजन 1980 में जबलपुर में अंतिम 131वां सागर में हुआ
अपने गुरु करपात्रीजी के आदेश पालन में पूज्य दद्दा जी के द्वारा सवा करोड़ पार्थिव शिवलिंग निर्माण महायज्ञ नवंबर 1980 में जबलपुर स्टेडियम से प्रारंभ कर श्रृंखला को जारी रखते हुई संकल्प का 108 वां यज्ञ बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में सिंहस्थ के दौरान 3 से 9 मई 2016 तक संपन्न किया था। यह क्रम बढ़ते हुए 131 वां सवा करोड़ पार्थिव शिवलिंग निर्माण, महारुद्र यज्ञ एवं रुद्राभिषेक करा चुके थे। अंतिम 131वां आयोजन बामोरा, सागर में वर्ष 2019 में हुआ था।

दलगत राजनीति में नेताओं के बीच बेहतर संबंधाें के हिमायती थे दद्दाजी
सागर। पंडित देव प्रभाकर शास्त्री के शिष्याें में भाजपा-कांग्रेस के कई बड़े नेता शामिल हैं। सागर जिले से जहां मंत्री गाेविंद सिंह राजपूत, भूपेंद्र सिंह, गाेपाल भार्गव के अलावा कांग्रेस नेता वीरेंद्र गाैर और सुरेंद्र सुहाने दद्दा शिष्य मंडल से लंबे समय से जुड़े हुए हैं। अलग दल की राजनीति और चुनावाें में हार जीत के कारण नेताओं के बीच बनी दूरियाें काे मिटाने में दद्दाजी ने सेतु का काम किया। दद्दा शिष्य मंडल के वरिष्ठ सदस्य गाैर बताते हैं कि उन्हाेंने 1998 में बंडा सीट से भाजपा के वरिष्ठ नेता स्व. हरनाम सिंह राठाैर से चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में मेरी हार और बंडा में हुए एक गाेलीकांड के बाद हम दाेनाें के बीच बातचीत बंद थी। इसके बाद वर्ष 2002 में शाहपुर में मैंने दद्दाजी के सानिध्य में शिवलिंग निर्माण अनुष्ठान का आयाेजन कराया। दद्दाजी ने मुझसे कहा कि यजमान काे पहला निमंत्रण उसे देना चाहिए, जिससे उसकी बात भी नहीं हाेती और संबंधाें में खटास है। मैं उनका इशारा समझ गया। मैंने हरनाम भैय्या काे फाेन लगाया और उन्हें आमंत्रित किया। वे यज्ञ में आए भी। दद्दाजी ने कहा था कि राजनीति की लड़ाई मेें कभी इतने गंभीर निर्णय नहीं लेना चाहिए। आपसी संबंध बेहतर रखना जरूरी है। दद्दा शिष्य मंडल के सदस्य सुहाने बताते हैं कि दद्दा के दाेनाें शिष्य भूपेंद्र सिंह व गाेविंद सिंह राजपूत के बीच एक समय बाेलचाल बंद था। दाेनाें एक दूसरे के धुर विराेधी भी माने जाते थे। एक दिन दद्दाजी भूपेंद्र सिंह काे साथ लेकर गाेविंद के घर पहुंचे। इसके बाद से दाेनाें के बीच आपसी संबंध सुधर गए।

श्रद्धांजलि
शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री

मध्यप्रदेश के महान संत, आध्यात्मिक गुरु, लाखों लोगों के जीवन को दिशा देने वाले, ऐसे महात्मा जिनका सम्पूर्ण जीवन पीड़ित मानवता की सेवा में समर्पित था, जिन्होंने अपनी आध्यात्मिक शक्ति व आशीर्वाद से लोगों की जिंदगी बदल दी, ऐसे पूजनीय दद्दाजी के चरणों में श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।

कमलनाथ, पूर्व मुख्यमंत्री
गृहस्थ योगी संत देवप्रभाकर शास्त्री दद्दा जी के दुखद निधन का समाचार प्राप्त हुआ। शिवलिंग निर्माण की बात हो या मानव सेवा व परोपकार की, दद्दाजी ने सदैव समाज व धर्म के लिये जीवनपर्यन्त अपना अमूल्य योगदान दिया। उनका निधन एक ऐसी क्षति है जो सदैव अपूरणीय रहेगी।उनके चरणो में शत-शत नमन। ईश्वर हम सभी को व उनके लाखों अनुयायीयो को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करे।

गोपाल भार्गव, पूर्व मंत्री ने कहा
परम पूज्य गृहस्थ संतश्री देव प्रभाकर जी शास्त्री ने जीवन के 60 वर्ष उन्होंने गृहस्थ सन्त के रूप बितायें, जो कि सनातन संस्कृति के इतिहास में दुर्लभ है। पूज्य शास्त्रीजी परम ज्ञानी, तपस्वी एवं सिद्ध पुरुष थे। उनका निधन सनातन धर्म अनुयायियों के पितृ पुरूष का प्रयाण है। उनका आशीर्वाद सदैव हमारे साथ रहेगा।

भूपेंद्र सिंह, पूर्व मंत्री
पूज्य गुरुदेव श्री दद्दाजी के अनन्त यात्रा पर चले जाने का समाचार सुन लगा मानो सिर से वात्सल्य भरा हाथ उठ गया हो। स्तब्ध हूं।, दुखी हूं। गुरुदेव का अवसान मेरे लिए व्यक्तिगत अपूरणीय क्षति है। दद्दाजी आज स-शरीर हमारे बीच नहीं है, परंतु उनका आशीर्वाद, उनकी शिक्षा, अमर हैं।



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6 billion Shivalingas were made in 131 Yagyas, 10.5% of these i.e. 63 crores were made in 12 events of Sagar.


source https://www.bhaskar.com/local/mp/sagar/news/6-billion-shivalingas-were-made-in-131-yagyas-105-of-these-ie-63-crores-were-made-in-12-events-of-sagar-127312193.html

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