एम्स के अनुसार उज्जैन में अधिकतर मरीजों की मौत के बाद उनके कोरोना पॉजिटिव होने का पता चला। इसलिए माधवनगर अस्पताल को संसाधन और सुविधाओं के साथ कोरोना के इलाज के लिए उन्नत किया जाना चाहिए। यहां प्रशिक्षित एनेस्थिसियोलॉजिस्ट व नर्सों की तैनाती की जाना चाहिए। कोरोना संक्रमण के चलते यहां 65 बेड अस्पताल और पीटीएस में 350 बेड की व्यवस्था की जाना चाहिए। इसके अलावा आरडी गार्डी, माधवनगर और पीटीएस के बीच मरीजों की शिफ्टिंग के लिए आधुनिक संसाधन वाली दो एंबुलेंस तैनात होना चाहिए।
एम्स की टीम ने 8 मई को उज्जैन का दौरा किया था। 45 मौतों की जानकारी लेने पर जो रिपोर्टर्स टीम को मिली, वह चौंकाने वाली थी। टीम ने आरडी गार्डी, माधवनगर और पीटीएस का अवलोकन किया। एम्स ने उज्जैन में कोरोना पर काबू करने के लिए माधवनगर अस्पताल को कोरोना अस्पताल बनाने की अनुशंसा की है। इसे 65 बेड का कोरोना अस्पताल बनाया जा सकता है। पीटीएस को कोरोना केयर सेंटर के रूप में 350 बेड की व्यवस्था की जाना चाहिए। एम्स ने यह रिपोर्ट प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्र को सौंप दी है।
माधवनगर अस्पताल में यह जरूरत
नमूना लेने वाला स्थान हवादार बनाना। 15-15 बेड के 4 वार्ड तैयार करना। वार्डों में क्रास वेंटिलेशन की व्यवस्था। नर्सिंग स्टेशन बनाना। वार्डों में प्रवेश करने वालों के लिए पीपीई किट। मरीजों को लाने ले जाने के लिए आधुनिक एंबुलेंस। ऑक्सीजन देने की सुविधा सेंट्रल लाइन से। 10 बेड का आईसीयू। ऐसे वेंटिलेटर जो आसानी से चलाए जा सकें। मरीजों को शिफ्ट करने वाली 2 ट्रॉली।
डॉक्टर्स व स्टॉफ की तीन टीम : 12 डॉक्टर्स व स्टाफ की ए, बी, सी टीम का गठन करना होगा। एक टीम एक हफ्ते तक तैनात होगी। स्टॉफ के लिए पीपीई किट, एन-95 मास्क, गागल्स, ग्लब्स उपलब्ध रहें। डेड बॉडी हैंडलिंग की मापदंड अनुसार संसाधन की जरूरत है।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/ujjain/news/build-10-bed-icu-in-madhavanagar-hospital-127310349.html
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